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भिवानी जेल में पांच माह पहले रची थी सरपंच संदीप हत्याकांड की साजिश, प्रदीप कासनी मास्टरमाइंड

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पुलिस गिरफ्त में सरपंच संदीप हत्याकांड का तीसरा आरोपी जोगेंद्र उर्फ भोली। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। साहुवास निवर्तमान सरपंच संदीप हत्याकांड की साजिश करीब पांच माह पहले भिवानी जेल में रची गई थी। पुलिस गिरफ्त में आए हत्याकांड के तीसरे आरोपी घिकाड़ा निवासी जोगेंद्र उर्फ भोली ने रिमांड अवधि के दौरान इसका खुलासा किया है। इसके अलावा आरोपी ने पुलिस को बताया कि सरपंच हत्याकांड की साजिश का मास्टरमाइंड प्रदीप कासनी है और पुरानी रंजिश को लेकर ही साहुवास सरपंच की हत्या की गई। भोली की निशानदेही पर पुलिस ने राजस्थान से दो हथियार और चार कारतूस भी बरामद कर लिए हैं।
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पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बुधवार को प्रेस वार्ता में सरपंच हत्याकांड से जुड़े कई खुलासे किए। उन्होंने बताया कि हत्याकांड के तीसरे आरोपी जोगेंद्र उर्फ भोली को पुलिस ने 26 जून को बलकरा टी-प्वाइंट से गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर सात दिन के रिमांड पर लिया गया। रिमांड अवधि के दौरान भोली ने बताया कि सरपंच संदीप की गाड़ी में उसने और राजस्थान के निमराना थाना के रैवाना निवासी महेश उर्फ कोच्चा ने जीपीएस लगाया था। सरपंच की गाड़ी में उन्होंने आठ जून को जीपीएस लगाया था और दस जून को उन्हें सरपंच की गांव के बाहर एक कमरे की लोकेशन भी मिली थी। उस दिन उक्त बदमाशों के पहुंचने से पहले ही सरपंच अपनी गाड़ी लेकर वहां से चला गया था, जिसके चलते दस जून को बदमाश हत्याकांड को अंजाम नहीं दे पाए।
जिला पुलिस कप्तान विनोद कुमार ने बताया कि 12 जून को सरपंच की लोकेशन कपूरी धाम की आई और इसके बाद महेश उर्फ कोच्चा, राहुल उर्फ
मोनू व जोगेंद्र उर्फ भोली हत्याकांड को अंजाम देने वहां पहुंचे थे। उन्होंने मंदिर से करीब 800 मीटर दूर एनएच-152 डी पर सफारी खड़ी कर दी थी और बाइक पर सवार होकर धाम तक पहुंचे। राहुल उर्फ मानू बाहर बाइक लेकर खड़ा रहा जबकि महेश और जोगेंद्र ने मंदिर में जाकर हत्याकांड को अंजाम दिया और इसके बाद आरोपी अपनी बाइक व सफारी लेकर वहां से फरार हो गए। पुलिस कप्तान विनोद कुमार ने बताया कि हत्याकांड के आरोपी राहुल उर्फ मोनू को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है जबकि महेश उर्फ कोच्चा को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस कप्तान ने बताया कि तीसरे आरोपी जोगेंद्र उर्फ भोली की भी गिरफ्तार हो गई है। जोगेंद्र उर्फ भोली चंद्रपाल फायरिंग कांड में भी शामिल था।
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- प्रदीप कासनी के कहने पर की गई दोनों वारदात
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि पैशी से लौट रहे चरखी दरवाजा निवासी चंद्रपाल पर फायरिंग भी प्रदीप कासनी ने ही करवाई थी। इसके अलावा संदीप हत्याकांड का भी प्रदीप कासनी ही मास्टरमाइंड है। वो भिवानी जेल में बंद है और घिकाड़ा निवासी जोगेंद्र उर्फ भोली की उससे मुलाकात भिवानी जेल में हुई थी और वहीं हत्याकांड की साजिश रची गई।
- प्रदीप और महेश को प्रोडेक्शन वारंट पर लाएगी पुलिस
पुलिस कप्तान ने बताया कि हत्या के मास्टरमाइंड प्रदीप कासनी को पुलिस जेल से जल्द प्रोडेक्शन वारंट पर लेकर आएगी। इसके अलावा अवैध हथियार समेत राजस्थानस पुलिस के हत्थे चढ़े महेश उर्फ कोच्चा को भी दादरी पुलिस पूछताछ के लिए प्रोडेक्शन वारंट पर लेकर आएगी। पहले प्रदीप को और फिर महेश को प्रोडेक्शन वारंट पर लिया जा सकता है।
- मध्य-प्रदेश से लाए थे हथियार, नैनीताल की मैंगो झील में बदमाश फेंक आए मोबाइल
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के अनुसार सरपंच संदीप की बोलेरो में जो जीपीएस सिस्टम लगाया गया था, उसे जोगेंद्र उर्फ भोली अपने फोन से ऑपरेट कर रहा था। आरोपी ने पुलिस पूछताछ के दौरान बताया कि सरपंच हत्याकांड के बाद वो राजस्थान होते हुए नैनीताल फरार हो गए थे। वहां जाकर जोगेंद्र उर्फ भोली ने मोबाइल मैंगो झील में मोबाइल फेंक दिया था। पुलिस मोबाइल की बरामदगी के लिए आरोपी को नैनीताल भी लेकर जाएगी। वहीं, आरोपियों ने बताया कि सरपंच हत्याकांड को अंजाम देने के लिए वो हथियार मध्य-प्रदेश से लेकर आए थे।
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जोगेंद्र उर्फ भोली पर दर्ज हैं ये 10 मामले
1- सदर थाने में 31 अक्तूबर 2017 को सशस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ।
2- सदर थाने में पांच फरवरी 2019 को सशस्त्र अधिनियम समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ।
3- 27 अक्तूबर 2019 को सदर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ।
4- चार जुलाई 2019 को बाढड़ा थाने में सशस्त्र अधिनियम समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ।
5- चार मई 2019 को सदर थाने में सशस्त्र अधिनियम समेत हत्या के प्रयास और विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ।
6- 10 अक्तूबर 2019 को झोझूकलां थाने में सशस्त्र अधिनियम समेत हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ।
7- 14 जुलाई 2019 को दादरी शहर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया।
8- 10 अक्तूबर 2019 को दादरी शहर थाने में सशस्त्र अधिनियम समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ।
9- 19 सितंबर 2019 को महेंद्रगढ़ जिला के कनीना थाने में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ।
10- 25 जनवरी 2020 को दादरी सिटी थाने में सशस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ।
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