बाढड़ा। गांव श्याम कलां स्थित पूनिया ढाणी में पेयजल की समस्या से लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों ने प्रशासन से पीने के पानी की समस्या को दूर करने की मांग की है।
पूर्व सरपंच जगदीश पूनिया ने बताया कि नहर किनारे सरकारी टयूबवेल से पाइप लाइन के माध्यम से पीने के पानी की सप्लाई होती है। रास्ते में मुख्य लाइन में कनेक्शन ज्यादा हैं, जिसके कारण अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि ढाणी में पिछले काफी समय से पेयजल समस्या होने के कारण लोगों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। पानी का टैंकर मंगवाकर काम चलाना पड़ रहा है।
लोगों की मांग है कि नहर किनारे सरकारी ट्यूबवेल से नई पाइप लाइन सीधी बिछाई जाए, ताकि इस समस्या का समाधान हो सके। इस मौके पर पूर्व सरपंच जगदीश पूनिया, मंजीत सिंह, अजीत पूनिया, सुनील कुमार, राम सिंह, सुनीता देवी, सुदेश, अर्पिता, संतोष, नरेश आदि मौजूद रहे।
जलभराव से राहत दिलाने के लिए 350 पंप मोटरों की क्षमता बढ़ाने की दरकार
चरखी दादरी। मानसून सीजन में नहरों में लगातार पानी चलता है। ऐसे में जिले की करीब 74 कैनाल, डिस्ट्रीब्यूटरी, माइनर व सब माइनरों के पंप हाउसों पर लगीं 350 पंप मोटरों की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। सभी मोटरों व बिजली सिस्टम की मरम्मत भी करवाने की भी दरकार है। इस समय नहरों पर लगे पंप एवं मोटर की पानी के उठान की क्षमता 35-40 प्रतिशत कम हो गई है।
इस समय करीब 350 पंप मोटर में से 200 की जल्द मरम्मत की जरूरत बनी हुई है। जिले की नहरों की क्षमता 1,100 क्यूसेक पानी है। सरकार ने जिले में 45 साल पुराने पंप व मोटर आदि पर 31 करोड़ का बजट खर्च कर रखा है। इसमें मुख्य पंप हाउस लोहारू कैनाल, बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी, बौंद कलां, कितलाना, पिचोपा कलां व कटेसरा आदि शामिल हैं। मुख्य लोहारू कैनाल पर 32 पंप सेट लगे हैं। इन पंप सेट के लिए अलग-अलग पंप हाउसों पर 2023 में 18 बिजली के नए ट्रांसफार्मर भी लगाए गए थे।
इसी प्रकार बरसाना के समीप पंप हाउस पर 16 पंप एवं मोटरें लगी हुई हैं। बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी पर सात पंप सेट हैं, जिनकी उठान क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। शुरुआत में पंप मोटर की पानी उठान क्षमता 20 से 25 क्यूसेक तक थी। पिछले पांच साल में यह घटकर 65 से 70 प्रतिशत रह गई है। इन पंप मोटर के इंपेलर, बुश, साफ्ट आदि घिस गए हैं।
अधिकारियों का तर्क : समय के साथ कम हो जाती है उठान क्षमता
सिंचाई विभाग अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे समय बीतता जाता है पंप, मोटर की क्षमता घटना स्वाभाविक है। अधिकारियों के अनुसार जरूरत के अनुसार पंप मोटर की मेजर रिपेयर करवानी पड़ती है, ताकि उठान क्षमता बनी रहे।
हमने सभी नहरों के पंप को अपडेट कर दिया है। मोटरों को दुरुस्त करवाया जा रहा। मानसून के दौरान पानी उठान में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। विभाग तैयारियों में जुटा है। -वेदपाल सांगवान, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।