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वीडियो वायरल : एसपी का दबाव था, इसलिए लगाया एससी-एसटी एक्ट

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जितेंद्र जटासरा के साथ सरकारी गाड़ी में बैठकर बातचीत करते डीएसपी अनिल डुडी। (वीडियो से स्क्रीन? - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। बिंदर हत्याकांड फिर चर्चा में आ गया है। इस मामले को लेकर अप्रैल में पुलिस विभाग, एसपी और एससी वर्ग पर एक युवक द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ है। यह वीडियो इस मामले के आरोपी जितेंद्र जटासरा और डीएसपी अनिल डूडी की बातचीत की बताया जा रहा है। वीडियो में डीएसपी सरकारी गाड़ी में जितेंद्र के साथ बैठे नजर आ रहे हैं। डीएसपी उससे कह रहे हैं कि एसपी का दबाव था, जिस कारण इस मामले में उन्हें एससी-एसटी एक्ट लगाना पड़ा। करीब 13 मिनट 40 सेकेंड का यह वीडियो जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संबंध में हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार वीडियो सोमवार शाम वायरल किया गया है।
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22 अप्रैल को सिटी थाने में एससी-एसटी एक्ट के तहत एक केस दर्ज हुआ था। यह केस एसपी और एसी वर्ग के आरक्षण पर टिप्पणी करने पर दर्ज किया गया था। उस दौरान राहुल नाम का एक शख्स फेसबुक पर लाइव आया था और उसने उसके चचेरे भाई बिंदर का गलत एनकाउंटर करने वाले आरोपी पुलिसकर्मियों का जिला पुलिस द्वारा बचाव करने के आरोप लगाए थे। उसने एसी वर्ग को मिले आरक्षण पर भी टिप्पणी की थी। पुलिस ने इस मामले में पहले राहुल और फिर जितेंद्र जटासरा को गिरफ्तार किया था।
सोमवार शाम सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हुआ है वह आरोपी जितेंद्र जटासरा और मामले के जांच अधिकारी डीएसपी अनिल डुडी का है। इसमें जितेंद्र जटासरा द्वारा उस पर गलत धाराएं लगाने का कारण पूछने पर डीएसपी अनिल डूडी कह रहे हैं कि मुझ पर जिला पुलिस कप्तान का दबाव था। मैंने ये धाराएं लगाने के लिए मना किया तो उन्होंने डीजी को मेरे खिलाफ लिखने की बात कही। डीएसपी अनिल डूडी का कहना है कि कुछ अन्य पुलिसकर्मियों ने इस मामले की जांच जान-बूझकर उन्हें दिलवाई, जबकि वे ये जांच नहीं करना चाहते थे। वीडियो में डीएसपी आरोपी जितेंद्र जटासरा से कह रहे हैं कि इस संबंध में एसपी ने बाकायदा अपने कार्यालय में डीडीए को बुलाकर राय ली थी। उनका कहना है कि शायद डीडीए को मजबूर कर राय ली गई है। यह वीडियो मंगलवार को जिले में चर्चा का विषय बना रहा। इस संबंध में संवाददाता ने डीएसपी अनिल डूडी से संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ आता रहा। वहीं, एसपी विनोद कुमार का कहना है कि इस मामले की जांच अभी चल रही है। वीडियो वायरल होने की जानकारी उन्हें नहीं है।
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42 दिन जेल में बिताकर लौटा है जितेंद्र
एससी-एसटी एक्ट के तहत में गिरफ्तार किया गया जितेंद्र 42 दिन बाद जेल से बाहर आया है। पेशे से केमिस्ट शॉप संचालक जितेंद्र जटासरा आरटीआई कार्यकर्ता भी है। वीडियो में जितेंद्र कह रहा है कि वह तो उस केबिन के अंदर भी नहीं गया, जहां वीडियो बनाया गया है। हां, वो अपने किसी अन्य काम से उस दिन कोर्ट परिसर जरूर पहुंचा था।
हाईकोर्ट में दायर हुई याचिका, आज होगी सुनवाई
इस वीडियो को आधार बनाकर जितेंद्र जटासरा के वकील प्रदीप रापड़िया ने हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की है। इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन नंबर नहीं आ सका। अब इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी और इस मामले में कोर्ट की टिप्पणी भी अहम रहेगी।
दो आरोपियों की संलिप्तता की झज्जर पुलिस कर रही जांच
इस मामले में दो आरोपियों को दादरी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दो गिरफ्तारी अभी बाकी है। इस मामले में दो अधिवक्ताओं की संलिप्तता की जांच इस समय झज्जर पुलिस कर रही है। सूत्रों के अनुसार झज्जर पुलिस ने अभी जांच रिपोर्ट तैयार नहीं की है। एससी-एसटी एक्ट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज करने के करीब एक माह बाद दादरी पुलिस ने इस मामले में ब्लैकमेलिंग और देशद्रोह की धारा भी जोड़ी थी।
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हमने इस मामले की याचिका हाईकोर्ट में दायर की है। मंगलवार को सुनवाई नहीं हो पाई और अब बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई होगी।
- प्रदीप रापड़िया, एडवोकेट, हाईकोर्ट
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