शहर के सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमार्गाें के डिवाइडर पोल पर लगाई गई तिरंगा लाइटों में से कुछ लाइटें कई दिनों से बंद पड़ीं हैं। नगर परिषद के अधिकारियों और एजेंसी कर्मचारियों ने इन्हीं नहीं सुधारा है। इस कारण शहर का सौंदर्यीकरण प्रभावित हो रहा है जबकि इससे पहले खराब हुईं तिरंगा लाइटें एजेंसी ने सुधार दी थीं।
परिषद ने करीब चार माह पहले शहर के मुख्यमार्गों पर 13 लाख रुपये की लागत से 300 तिरंगा लाइटें लगवाईं थीं। इनमें से कई लाइटें चार माह के अल्पकाल में ही कई बार बंद हो चुकीं हैं। फिलहाल परशुराम चौक से कॉलेज रोड, बस स्टैंड रोड, पुरानी गोशाला से महेंद्रगढ़ चुंगी रोड पर कई लाइटें कई दिनों से बंद पड़ीं हैं। इन्हें दुरुस्त न करने से लोगों में नाराजगी है।
लोग बोले : खराब लाइटों से सौंदर्यीकरण प्रभावित
बबलू चौधरी, सुधीर कुमार, संजय कुमार, प्रदीप कुमार, संजय जैन आदि ने बताया कि शहर में लगी लाइटें बहुत सुंदर लगतीं थीं, लेकिन कई दिनों से लाइटों के बंद होने से सुंदरता पर ग्रहण लगा है। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों से बंद पड़ीं लाइटों को ठीक करवाने की मांग की है।
- इन मार्गों पर बंद हैं 15 लाइटें
शहर के महेंद्रगढ़ चुंगी से कॉलेज पीएनबी तक चार, पुराना गोशाला चौक से महेंद्रगढ़ चुंगी रोड तक दो, पुराना झज्जर रोड पर चार, बस स्टैंड, भगवान परशुराम चौक से रोहतक रेलवे फाटक तक पांच लाइटें बंद हैं।
हमने खराब तिरंगा लाइटें उतरवाकर एजेंसी के पास भेज दीं हैं। लाइटें जल्द दुरुस्त की जाएंगी और इसके बाद उन्हें पोल पर लगवा दिया जाएगा।
बिजेंद्र शर्मा, एलआई, नगर परिषद।