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बस स्टैंड का दायरा छोटा, बूथ संख्या में नहीं हो पा रहा विस्तार

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चरखी दादरी बस स्टैंड का नजारा। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। स्थानीय बस स्टैंड परिसर का दायरा छोटा पड़ने से परिवहन विभाग बूथ संख्या में विस्तार नहीं कर पा रहा है। इसके अलावा पार्किंग सुविधा भी नहीं है, जिसके चलते यात्री ही नहीं कर्मचारी तक परेशान हैं। आलम यह है कि सभी बसों को एकसाथ बस स्टैंड परिसर में खड़ा करने की जगह नहीं है, जिसके चलते कुछ बसें कार्यशाला में खड़ी करनी पड़ती है। जीएम देवदत्त का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा नए बस स्टैंड के लिए जमीन का ब्योरा मांगा गया था और उन्होंने 15 एकड़ जमीन की मांग की है।
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जिला प्रशासन को जमीन संबंधी डिमांड भेजने के बाद अब परिवहन विभाग के जिला अधिकारियों को उच्चाधिकारियों के आदेश का इंतजार है। इस समय बस स्टैंड 24 कनाल 10 मरले जमीन पर है। इसी एरिया में बस स्टैंड कार्यशाला भी बनी है। अगर बूथों की संख्या की बात करें तो 9 हैं, जबकि दो रूटों की बसें बिन बूथ लगती हैं। इस समय बस स्टैंड परिसर में पांच बूथों की कमी है। इन रूटों पर प्रतिदिन काफी संख्या में यात्री सफर करते हैं।
दूसरी ओर रोडवेज अधिकारियों के अनुसार नया बस स्टैंड बनने के बाद ही इन समस्याओं का समाधान होगा। डीसी कार्यालय की ओर से इसके लिए पत्राचार कर जमीन का ब्योरा पूछा गया था। इसके बाद परिवहन विभाग की ओर से नया बस स्टैंड बनाने के लिए करीब 15 एकड़ जमीन की डिमांड की गई है।
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प्रतिदिन 20 हजार यात्री करते हैं सफर
बस स्टैंड से प्रतिदिन करीब 20 हजार यात्री सफर करते हैं। डिपो की दैनिक आमदनी करीब दस लाख रुपये है। करीब 25 रूटों पर दादरी बस स्टैंड से बसों का संचालन किया जाता है। दादरी बस स्टैंड से सफर करने वाले यात्रियों के लिए पार्किंग की सुविधा नहीं है और बस स्टैंड से बाहर वाहन खड़ा करने पर पुलिस कार्रवाई करती है।
नई बसें आने के बाद बढ़ेगी समस्या
बस स्टैंड से 85 बसों को विभिन्न रूटों पर संचालन होता है और इन बसों को एकसाथ बस स्टैंड परिसर में खड़ा करने की जगह नहीं है। दूसरी ओर डिपो को 30 नई बसें भी अलॉट हो चुकी हैं और इन बसों के बेडे़ में शामिल होने के बाद जगह की कमी खलेगी।
मानसून के दौरान दरिया बन जाता है बस स्टैंड
मानसून सीजन में बस स्टैंड परिसर में जलभराव रहता है। इतना ही नहीं कई दफा तो सीवर लाइनों का पानी बैक मारकर वर्कशॉप में भर जाता है। इसके चलते यहां काम करना तो दूर कर्मचारियों के लिए खड़ा रहना भी दूभर हो जाता है। इन तमाम समस्याओं के स्थायी समाधान की दरकार है।
नया बस स्टैंड बनने के बाद ही बूथों और पार्किंग की समस्या का समाधान होगा। कुछ समय पहले ही डीसी ऑफिस से हुए पत्राचार में नया बस स्टैंड निर्माण के लिए हमने 15 एकड़ जमीन की डिमांड की है। - देवदत्त, जीएम, चरखी दादरी डिपो
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