चरखी दादरी। एक दशक पुरानी पेयजल समस्या से शहरवासियों को निजात दिलाने की कवायद जनस्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। सरकार के निर्देशों पर चंपापुरी जलघर में नया बड़ा टैंक बनाने की योजना को सिरे चढ़ाने के लिए विभाग प्रारूप तैयार कर रहा है। 15 अगस्त तक पूरा खाका तैयार होने की उम्मीद है और फिर फाइल सरकार को भेजी जाएगी। वहीं, नहरी पानी उठान की क्षमता बढ़ाने के लिए विभाग की स्वतंत्र पंप हाउस बनाने की भी योजना है।
शहर की आबादी एक लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है, जबकि शहर की भंडारण क्षमता इस मुताबिक नहीं बढ़ी है। शहर में दो जलघर हैं, जिनमें सात टैंक बने हुए हैं। भंडारण क्षमता कम होने से प्रत्येक नहरी टर्न पर शहर में पेयजल संकट गहराया रहता है। लंबे समय से शहरवासी पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। हाल ही में सरकार ने जनस्वास्थ्य विभाग को चंपापुरी जलघर में एक बड़ा टैंक बनाने के लिए प्रारूप तैयार करने के आदेश दिए हैं। टैंक निर्माण के साथ यहां नहरी पानी पहुंचाने का खाका अभी विभाग तैयार कर रहा है। 15 अगस्त के बाद डिनाईटी तैयार कर अगली प्रक्रिया के लिए सरकार के पास भेजी जाएगी। जल्द ही औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी और इसके बाद बजट मिलते ही टेंडर प्रक्रिया के जरिये पानी भंडारण के लिए एक और बड़े टैंक का निर्माण करवाया दिया जाएगा।
नहर से लेकर टैंक तक बिछाई जाएगी पाइप लाइन
प्रोजेक्ट के तहत जिले के आरडी जीरो पंप हाउस पर विभाग स्वतंत्र पंप हाउस भी बनवाएगा। यहां से बड़े टैंक के लिए पानी का उठान किया जाएगा और पाइपलाइन के जरिये टैंक तक नहरी पानी पहुंचाया जाएगा। वहीं, रजवाहे से टैंकों में पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी जस की तस रहेगी।
3700 लाख लीटर है दोनों जलघरों की क्षमता
इस समय शहर की 70 फीसदी आबादी को चंपापुरी जलघर और तीस फीसदी आबादी को कपूरी जलघर से पेयजल आपूर्ति होती है। चंपापुरी जलघर के टैंकों की भंडारण क्षमता 2450 लाख लीटर है जबकि कपूरी जलघर की भंडारण क्षमता 1250 लाख लीटर है। आबादी के अनुरूप भंडारण क्षमता करीब 7400 लाख लीटर होनी चाहिए।
कपूरी जलघर में भी टैंक बनवाने की है योजना
चंपापुरी के अलावा कपूरी जलघर में भी एक और भंडारण टैंक बनाने की योजना है। हालांकि विभाग की प्राथमिकता चंपापुरी जलघर में टैंक बनाने की है और इसका प्रारूप तैयार होने के बाद ही कपूरी जलघर में एक और टैंक बनाने की प्रक्रिया पर काम शुरू किया जाएगा। विभाग शहर की जर्जर पेयजल लाइनों को बदलने के एस्टीमेट भी तैयार कर रहा है।
सरकार की ओर से प्रारूप तैयार करने के हमें निर्देश मिले हैं। 15 अगस्त के बाद बड़ा स्टोरेज टैंक बनाने का प्रारूप तैयार कर स्वीकृति के लिए सरकार को भेज देंगे। इसका बजट और स्वीकृति मिलते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा।
रोहित कुमार, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग