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डंपिंग यार्ड पर एजेंसी ने नहीं डालने दिया कचरा, नप कार्यालय और सड़कों पर खड़े रहे कचरे से भरे वाहन

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नप कार्यालय में खड़ा कचरे से भरा ऑटो टीपर। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। रानिया वाला जोहड़ कचरा निस्तारण केंद्र पर कचरा डालने को लेकर एजेंसी (कचरा निस्तारण का ठेका लेने वाली कंपनी) और नप अधिकारियों में ठनी हुई है। इसके चलते दो दिन से शहर की सफाई व्यवस्था बेपटरी है। कचरा निस्तारण केंद्र पर कचरे की टेंडर से दुगनी मात्र होने पर एजेंसी नप के वाहनों को यहां पर और कचरा नहीं डालने दे रही है, जबकि अन्य जगह की वैकल्पिक व्यवस्था भी नगर परिषद के पास नहीं है। ऐसे में पिछले दो दिनों से कचरे से भरे ऑटो टीपर सड़कों और नप कार्यालय में खड़े हैं। पिछले दो दिनों से डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा प्रभावित है।
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नगर परिषद ने रानिया वाला जोहड़ कचरा निस्तारण केंद्र पर पड़े कचरे के निस्तारण का टेंडर एक एजेंसी को अलॉट किया है। यह टेंडर करीब डेढ़ साल पहले कचरे की मात्रा के अनुसार तय हुआ था। करीब छह माह से एजेंसी यहां कचरे को पृथक करने का कार्य कर रही है। फिलहाल यहां कचरे को सूखाया गया है, ताकि प्लांट के जरिये निस्तारित किया जा सके। दूसरी ओर नगर परिषद के वाहन यहां लगातार कचरा डाल रहे थे। बुधवार दोपहर बाद से एजेंसी ने यहां कचरा डालने पर एतराज जताकर वाहनों को वापस नप कार्यालय भेज दिया। इसके बाद से ही वाहन खाली नहीं किए गए हैं।
संवाददाता ने शुक्रवार को इस मामले की अपने स्तर पर पड़ताल की तो सामने आया कि एजेंसी के और कचरा डालने से इनकार करने के बाद नगर परिषद के पास वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कचरा डालने के लिए जगह नहीं बची है। ऐसे में कचरे से भरे वाहन भी खाली नहीं हो पा रहे हैं। इस स्थिति के चलते पिछले दो दिनों से वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठान के लिए भी वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। शहर में करीब 15 अस्थायी कचरा निस्तारण केंद्र हैं, जहां से कचरे का उठान भी नहीं हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर बारिश के मौसम में घरों से कचरे का उठान न होने से लोग परेशान हैं। करीब 15 हजार घरों से पिछले दो दिनों से कचरे का उठान नहीं हुआ है।
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प्रतिदिन 15 ट्रॉली और 50 टीपर निकलता है कचरा
शहर में प्रतिदिन 15 ट्रैक्टर-ट्रॉली और 50 ऑटो टीपर कचरा निकलता है। अब तक इस कचरे का निस्तारण डंपिंग यार्ड पर किया जा रहा था, लेकिन अब एजेंसी के विरोध करने पर इस कचरे को डालने की समस्या गहरा गई है। नप अधिकारियों ने अगर इसका जल्द समाधान नहीं किया तो सफाई व्यवस्था और बदतर हो जाएगी और जलभराव के साथ कचरे की समस्या से शहरवासियों को दो-चार होना पड़ेगा।
दो करोड़ से अधिक आएगी कचरा निस्तारण पर लागत
कचरा निस्तारण केंद्र पर 50 हजार टन से अधिक कचरा पड़ा है। इस कचरे को पृथक कर निस्तारण करने का टेंडर नप अलॉट कर चुकी है और इस पर दो करोड़ से अधिक का खर्च आने का अनुमान है। करीब छह माह की समयावधि में यह काम पूरा होना है और एजेंसी आधे कचरे को पृथक कर चुकी है। एजेंसी का तर्क है कि कचरा निस्तारण का काम मौसम अनुकूल होते ही शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन तब तक नप को यहां और कचरा नहीं डालने दिया जाएगा।
एजेंसी का तर्क: 30 हजार टन का था अनुमान, मात्रा पहुंची 55 हजार के पार
कचरा निस्तारण का टेंडर लेने वाली एजेंसी से सत्यवान ने संवाददाता से बातचीत में बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने कचरे निस्तारण का टेंडर लिया था। उस दौरान यहां 30 हजार टन कचरा होने का अनुमान था लेकिन अब कचरे की मात्रा 55 हजार टन से ऊपर पहुंच चुकी है और अब भी नगर परिषद यहां और कचरा डाल रही है। ऐसे में एजेंसी को तो इस प्रोजेक्ट में नुकसान ही होगा और इसके चलते ही यहां कचरा डालने से हमने इनकार किया है। टेंडर के बावजूद कचरा डालते रहना नियमों के खिलाफ है।
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ये हैं सफाई संबंधी संसाधन
संसाधन संख्या
ऑटो टीपर 23
थ्री-व्हीलर 01
ई-रिक्शा 20
सफाई कर्मी 172
लोडर 01
तीन पहिया रिक्शा 20
हाथ रेहड़ी 70
एजेंसी से हम बातचीत कर रहे हैं और जल्द ही इस समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। कचरा डालने के लिए वैकल्पिक जगह भी हम तलाश रहे हैं।
प्रशांत पाराशर, सचिव, नगर परिषद

महेंद्रगढ़ चुंगी के समीप सड़क किनारे खड़े कचरे से भरे ऑटो टीपर।- फोटो : CharkhiDadri

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