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जिले में 946 किसानों को जारी किए गए हैं सोलर कनेक्शन

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चरखी दादरी। बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन की बजाय किसानों का सोलर ऊर्जा से सिंचाई करने की तरफ रुझान बढ़ा है। गत छह माह के दौरान 946 किसानों ने सोलर सिस्टम लगवाए हैं ताकि सोलर बिजली से मोटर के जरिये पानी का उठान कर खेतों की सिंचाई कर सकें। किसानों को एचटी बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया भी बिजली निगम ने शुरू कर रखी है जबकि गत सात साल से बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया बंद रही और यह भी सोलर ट्यूबवेल की ओर किसानों का रुझान बढ़ने का मुख्य कारण माना जा रहा है।
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जिले में 62 हजार किसान हैं और करीब 515 किसानों ने बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन कर रखा है। जिले का बाढड़ा, झोझू कलां एरिया पूरी तरह से रेतीला है। इसके अलावा दादरी ब्लॉक में भी काफी क्षेत्र रेतीला है। बौंद कलां ब्लॉक में भी कुछ गांवों मेें रेतीला क्षेत्र है जहां जमीनी पानी काफी नीचे है और इन क्षेत्रों में जमीनी पानी का उठान किसान बिजली ट्यूबवेल से करते हैं। कई गांवों में तो 400 फीट नीचे तक जमीनी पानी है और इन क्षेत्रों में बिजली की दो मोटर लगाकर पानी का उठान करना पड़ता है। डार्क जोन में तो अब किसान ट्यूबवेल पर सोलर ऊर्जा की प्लेट लगवाने लगे हैं ताकि बोरिंग से पानी का उठान किया जा सके। सरकार सब्सिडी पर सोलर प्लेट लगा रही है।
अब तक जिले में 946 सोलर कनेक्शन लगाए जा चुके हैं। ऐसे में सोलर के प्रति किसानों का रुझान ज्यादा बढ़ा है। तराई वाले क्षेत्रों में लोग बिजली ट्यूबवेल का इस्तेमाल नहीं करते क्योंकि इस क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर काफी ऊपर है। ऐसे में डीजल चालित ट्यूबवेल से ही किसान सिंचाई कर लेते हैं। तराई एरिया में जमीनी जलस्तर 20 से 35 फुट तक ही है। ऐसे में डीजल इंजन पानी का उठान आसानी से कर लेता है।
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2014 में बंद हुई थी ट्यूबवेल कनेक्शन देने की प्रक्रिया
2014 से बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन दिए जाने की प्रक्रिया बंद की गई थी। किसानों ने कनेक्शन के लिए निगम कार्यालयों में फाइलें लगा रखी थी, लेकिन कनेक्शन जारी नहीं हो पा रहे थे। अब बिजली निगम ने कनेक्शन देने के लिए प्रक्रिया शुरू कर रखी है। इसके लिए बिजली निगम की ओर से इन किसानों से सिक्योरिटी जमा करवाई जा रही है ताकि उनको जल्दी ही कनेक्शन जारी किया जा सके।
75 फीसदी मिलती है सब्सिडी
एडीसी मुनीष नागपाल के अनुसार सोलर संचालित ट्यूबवेल कनेक्शन लेने पर सरकार की ओर से आवेदक किसान को सब्सिडी देने का भी प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इस पर 75 फीसदी सब्सिडी दी जाती है। जिले में अब तक जितने भी आवेदन आए हैं, उन सभी को सोलर ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।
वर्जन::
किसान सोलर सिस्टम में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। बिजली निगम ने कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी शुरू कर रखी है। सभी पात्र किसानों को बिजली ट्यूबवेल देने का काम जल्द पूरा किया जाएगा।
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शंकरलाल, एसडीओ, बिजली निगम
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