फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब क्यूआर कोड स्कैन करने से होगी एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों की पहचान

विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। अब एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों का क्यू आर कोड स्कैन करने से पता चल जाएगा कि वह असली है या नकली। साथ ही कोई भी प्राइवेट पब्लिशर या शिक्षण संस्था आसानी से पकड़ में आ जाएंगे। शिक्षा विभाग ने बीईओ व कलस्टर हैड को प्राइवेट स्कूलों व अन्य बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। खासकर प्राइवेट स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशर की पुस्तकें खरीदने के लिए विद्यार्थियों को बाध्य कर दिया जाता है। जबकि सरकार व विभाग की ओर से सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाए जाने के निर्देश हैं।
विज्ञापन

एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। पुस्तकों की बिक्री भी इस समय बढ़ रही है। बाजारों, प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकों के बजाय प्राइवेट पब्लिशर की किताबें पढ़ाने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। कई सालों से यह सिलसिला चला आ रहा है। प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं में प्राइवेट डीलर सीधे तौर पर कमीशन पर अनुबंध कर लेते हैं। विद्यार्थियों को प्राइवेट पुस्तकें खरीदने को विवश कर दिया जाता है। अब शिक्षा विभाग व सरकार इस मामले में सख्ती से पेश आएंगे। एनसीईआरटी की पुस्तकों की पहचान क्यूआर कोड से कर ली जाएगी। कई पब्लिशर एनसीईआरटी की तर्ज पर वैसी ही पुस्तकें तैयार कर लेते हैं, जिनकी पहचान नहीं हो पाती है।
-----
गाइड का भी बढ़ रहा चलन -
आजकल मूल पुस्तक के बजाय गाइड एवं सॉल्व पुस्तकों का भी चलन ज्यादा बढ़ा है। प्राइवेट पब्लिशर्स ने बाजारों में गाइड बिक्री के लिए उतार रखी हैं। मूल पुस्तक के बिना विद्यार्थी को टॉपिक की गहराई का संपूर्ण ज्ञान नहीं हो पाता। विद्यार्थी गाइड से प्रश्र के उत्तर रटने का प्रयास करते हैं। सही ढंग से कक्षाएं भी नहीं लगाते। मूल ज्ञान से भटक जाते हैं।
विज्ञापन

-----
नियमों की अवहेलना पर होगी कार्रवाई -
शिक्षा विभाग ने इसके लिए बीईओ व कलस्टर हैड को निरीक्षण करने की जिम्मेदारी साैंपी है। बीईओ व कलस्टर हैड स्कूलों व अन्य विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में जाकर पुस्तकों की जांच करेेंगे। क्यूआर कोड को स्कैन करके पता लगाया जाएगा। जो भी शिक्षण संस्था इन नियमों की पालना करता नहीं मिला, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
----
जिले में स्कूलों व विद्यार्थियों की स्थिति -
जिले में बीते सत्र में 42 हजार 601 विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में तथा करीब 50 हजार प्राइवेट स्कूलों में दाखिल थे। इस बार यह आंकड़ा और बढने की संभावना है। जिले में 364 सरकारी व करीब पौने दो सौ प्राइवेट स्कूल हैं।
----
पुस्तकों की जांच के लिए बीईओ व कलस्टर हैड की ड्यूटी लगा दी गई है। क्यूआर कोड से इन पुस्तकों की पहचान कर ली जाएगी। स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें ही पढ़ाए जाने का प्रावधान है। सभी शिक्षण संस्था प्रबंधक इस पर विशेष ध्यान दें। विद्यार्थी मूल पुस्तक का अध्ययन करें।
विज्ञापन

- डीईओ जयप्रकाश सभ्रवाल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें