चरखी दादरी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज एवं नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल मॉनीटरिंग कमेटी के चेयरमैन प्रीतमपाल ने कहा कि शहर के सीवरेज सिस्टम व एसटीपी को दुरुस्त करने के लिए विभागीय अधिकारी अपनी रुचि दिखाएं, ताकि नागरिकों की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। उन्होंने चरखी दादरी को क्लीन और ग्रीन सिटी बनाने के लिए अधिकारियों को पहल करने के निर्देश दिए।
वीरवार को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह के सभागार में आयोजित जिलास्तरीय पर्यावरण संरक्षण कमेटी की बैठक में चेयरमैन प्रीतमपाल ने कहा कि दादरी को प्रदूषण व धूल मुक्त बनाने के लिए सड़कों की मरम्मत व सफाई करवाई जाए, ताकि ट्रकों के आवागमन से धूल न उड़े। इसके अलावा सड़कों के दोनों तरफ पेड़ भी लगाए जाएं। दादरी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए क्लीन व ग्रीन सिटी बनाया जाए। शहर व गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रशासन का कर्तव्य बनता है। शहर में सफाई व सीवरेज व्यवस्था खराब होने पर संबंधित विभाग की जवाबदेही बनती है।
बैठक में चेयरमैन प्रीतम पाल ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिला में कचरा प्रबंधन को लेकर किए जा रहे कार्यों की संबंधित विभागों के अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। साथ ही कचरा निस्तारण व प्रबंधन के लिए समय सीमा निर्धारित की। उन्होंने कमेटी के टेक्निकल सदस्य बाबूराम ने एजेंडे पर विस्तार से जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश देते हुए पूर्व जस्टिस एवं चेयरमैन प्रीतमपाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को अधिकारी महज अपनी एक प्रशासनिक ड्यूटी न समझ कर इसे एक सामाजिक दायित्व व जिम्मेदारी भी समझें।
पूर्व जस्टिस ने निर्देश दिए कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाना जरूरी है, जिसमें सामाजिक संस्थाओं, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, नेहरू युवा केंद्र, रेडक्रॉस सोसायटी, एनएसएस व एनसीसी के कैडेट्स व व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की अधिक से अधिक भागीदारी होनी चाहिए।
- नप के संसाधनों की भी ली जानकारी
बैठक के दौरान चेयरमैन प्रीतमपाल ने शहरी क्षेत्र में कचरा प्रबंधन, सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान, प्रत्येक घर-घर से कचरा कलेक्शन, ठोस कचरा प्रबंधन, मेडिकल वेस्ट प्रबंधन, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लान के साथ-साथ कचरा प्रबंधन के लिए प्रयोग किए जाने वाले नगर परिषद के संसाधनों की भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कचरा प्रबंधन के लिए समय सीमा निर्धारित करते हुए स्थानीय शहरी निकाय के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे एनजीटी की गाइडलाइन के अनुरूप कचरे का प्रबंधन एवं निस्तारण करें।
उपायुक्त और नगर परिषद आयुक्त ने भी दी प्रबंधों की जानकारी
उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने जिला में कचरा प्रबंधन को लेकर किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। नगर परिषद के आयुक्त राहुल नरवाल ने एमआरएफ सेंटर सहित स्थानीय शहरी निकाय से संबंधित कचरा प्रबंधन की विस्तार से जानकारी दी। बैठक की समीक्षा के दौरान मुख्यालय से कमेटी टेक्निकल एडवाइजर उर्वशी गुलाटी ने भी वीसी के माध्यम से बैठक को संबोधित किया। बैठक के बाद पूर्व जस्टिस प्रीतमपाल व प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर के कचरा प्रबंधन केंद्र का निरीक्षण किया।
- ये अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान सीईओ जिला परिषद कुशल कटारिया, एसडीएम अनिल कुमार यादव, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक आर के भौसले, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी अजीत सिंह, नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी अभय सिंह यादव, जिला वन अधिकारी दलीप सिंह, खनन अधिकारी बलबीर सिंह, आरटीए दर्शना भारद्वाज, डीआईओ अमित लांबा आदि मौजूद रहे।