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श्रमिक से राजमिस्त्री और अब पार्षद बनीं कौशल्या देवी

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नवनिर्वाचित पार्षद कौशल्या देवी का वार्ड में स्वागत करते लोग। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। वार्ड 12 की नवनिर्वाचित पार्षद कौशल्या देवी ने महिला सशक्तीकरण की बानगी पेश की है। विकट परिस्थितियों के चलते श्रमिक का कार्य करने वालीं कौशल्या देवी अपने जज्बे से पहले राजमिस्त्री और अब वार्ड की पार्षद चुनी गई हैं। अपनी जीत से उत्साहित कौशल्या देवी का कहना है कि वार्ड के लोगों के सुझाव पर ही उन्होंने पार्षद के लिए नामांकन किया था और उन्हें खुशी है कि वार्डवासियों ने उन्हें जीताकर शहरी सरकार का हिस्सा बनाया है। कौशल्या देवी का कहना है कि वार्ड में एक समान विकास कार्य करवाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
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बता दें कि वार्ड 12 निवासी कौशल्या देवी पेशेवर राजमिस्त्री हैं। उन्होंने अपने जुनून से विकट परिस्थितियों को मात देकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। कौशल्या देवी अब तक 300 से अधिक आशियाने तैयार कर चुकी हैं। कौशल्या ने बताया कि परिवार और वार्डवासियों का साथ मिलने पर इस बार उन्होंने पार्षद का चुनाव लड़ा और जीत गईं।
कौशल्या ने गत योजना की पार्षद ज्योति देवी को 94 वोटों से मात दी। कौशल्या को 427 तो उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी ज्योति देवी को 333 वोट मिले। उनके वार्ड में पार्षद पद के पांच प्रत्याशी थे। प्रत्याशी मंजू को 278, कुमकली बाई को 237 व ज्योति पुत्री पवन को 50 वोट मिले। कौशल्या देवी ने उगते सूरज के चिह्न पर चुनाव लड़ा था।
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- शादी के बाद की दसवीं और डिप्लोमा
कौशल्या देवी का कहना है कि आठवीं पास करते ही उनकी शादी हो गई थी और उनका परिवार संयुक्त था। पति राजकुमार पेशे से रिक्शा चालक है। दंपती के चार बच्चे हैं। केवल पति की आमदनी से घर चलाना मुश्किल हो गया। इसके बाद कौशल्या ने मजदूरी शुरू की। उन्होंने बताया कि मजदूरी के साथ उसने पढ़ाई भी शुरू की। पहले दसवीं और फिर आंगनबाड़ी का डिप्लोमा किया, लेकिन नौकरी नहीं मिल पाई। उसने पढ़ाई के साथ मजदूरी भी जारी रखी।
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