चरखी दादरी। दादरी में मैंने अपने बचपन के दिन बिताए हैं और यहां आकर मुझे खशी होती है। संत स्वामी दयाल धाम पर पहुंचना अपना सौभाग्य समझता हूं। यह बाते फौगाट खाप की ओर से आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कही।
राज्यपाल ने कहा कि खाप पंचायतों का सदियों पुराना इतिहास रहा है और वे खाप परंपरा का सम्मान करते हैं। उन्होंने बताया कि खाप पंचायतों ने समाज में मान मर्यादा और भाईचारे की भावना को कायम रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समाज की एकता व अखंडता में खापें शुरू से ही सक्रिय भूमिका निभाती आई हैं। उन्होंने बिहार के वैशाली नगर की पंचायत परंपरा का उदाहरण देते हुए बताया कि महात्मा बुद्ध के सुझाव पर सम्राट अशोक को भी युद्ध के स्थान पर वैशाली की पंचायत के आगे झुकना पड़ा था। राज्यपाल सत्यपाल मलिक को फौगाट खाप की ओर से प्रधान बलवंत नंबरदार ने पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने लोगों को मेघालय आने का निमंत्रण दिया। सत्यपाल मलिक ने कहा कि मेघालय को स्कॉटलैंड ऑफ ईस्ट कहा जाता है। गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर और सुभाष चंद्र बोस भी कभी अपने स्वास्थ्य लाभ के लिए मेघालय आकर रहते थे। इस अवसर पर एसडीएम डॉ. विरेंद्र सिंह, नगराधीश अमित मान, तहसीलदार बंसीलाल, बीडीपीओ सुभाष शर्मा, डीएसपी जोगेंद्र सिंह, फौगाट खाप सचिव सुरेश फौगाट, प्रवक्ता शमशेर खातीवास, राजबीर फौगाट, पूर्व विधायक छत्तरपाल, राज्यपाल के निजी सचिव कंवर सिंह राणा, सूबेदार राजकुमार फौगाट, उदय सिंह फौगाट, कुलदीप फौगाट, दिलबाग फौगाट आदि मौजूद रहे।
डीसी और एसपी ने किया स्वागत
राज्यपाल सत्यपाल मलिक का लोकनिर्माण विश्रामगृह पहुंचने पर उपायुक्त प्रदीप गोदारा व पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत ने पुष्प भेंटकर स्वागत किया। पुलिस गार्द ने उन्हें ससम्मान सलामी दी। विश्रामगृह के बाद राज्यपाल अपने परिवार के सदस्य बृजमोहन फौगाट, जितेंद्र फौगाट और सम्राट फौगाट के निवास स्थान पर गए और लोगों से अपने पुराने दिनों की खुलकर बातचीत की।
कड़े रहे सुरक्षा प्रबंध, छतों पर भी पुलिसकर्मी तैनात
राज्यपाल के आगमन को देखते हुए शहर में सुरक्षा प्रबंध कड़े रहे। राज्यपाल के प्रस्तावित कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस टीमें पहले ही पहुंच गईं। सभी आयोजन स्थलों पर पुलिस के जवान मुस्तैद रहे और सुरक्षा के मद्देनजर छतों पर भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए।