चरखी दादरी/बौंदकलां। जिले में 15 से ज्यादा गांवों में शनिवार को दोपहर में ओलावृष्टि व बारिश हुई। इससे जिले में करीब 25,000 एकड़ से अधिक भूमि में सरसों व गेहूं की फसल में नुकसान होने का अनुमान है। ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों ने कहा कि 20 मिनट के ओले, दाणा मै रौले करगै। वहीं, कृषि विभाग अधिकारियों ने कर्मचारियों को प्रारंभिक सर्वे के लिए निर्देश दे दिए हैं। जल्द ही नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
जिले में इस समय 1,60,000 एकड़ में सरसों व एक लाख एकड़ में गेहूं की फसल खड़ी है। शुक्रवार देर शाम से ही मौसम में बदलाव आया। शुक्रवार देर शाम को बादलों की गरज के साथ बूंदाबांदी हुई थी। शनिवार सुबह आसमान में फिर से बादल छा गए। दोपहर 12 से डेढ़ बजे तक बादलों व सूर्य के बीच लुका-छिपी का खेल बना रहा। बीच-बीच में धूप भी खिलती रही। दोपहर बाद शहर में पश्चिमी व उत्तरी छोर में काली घटाएं उमड़ीं। तेज हवा के दबाव के साथ जिले में करीब 15 से ज्यादा गांवों में ओलावृष्टि हुई। किसी गांव में 20 मिनट तो कही आधा घंटे तक ओले गिरे। जामुन की गुठली जितने आकार के ओलों ने गेहूं व सरसों की फसल में तबाही मचा दी। हालांकि शहर में देर शाम तक तेज हवा चलती रही, लेकिन शहर में बारिश नहीं हुई
इन गांवों के किसानों पर पड़ी मार
जिले की पश्चिमी दिशा में गांव रासीवास, छपार, डोहकी, बरसाना, नरसिंहवास व आसपास के क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। इसी प्रकार उत्तरी दिशा में बौंदकलां, बौंदखुर्द, रणकौली, नीमड़ी, मालपोष, सांजरवास, रानीला व उण में ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान हुआ है। सरसों की फसल इस समय पकाव की अवस्था में है और गेहूं में बॉलियां आने लगी हैं। तेज हवा व ओलावृष्टि से फसलें खेतों में बिछ गई।
नरसिंहवास में बिछी ओलों की परत
नरसिंहवास में ओलावृष्टि से गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। सरपंच सज्जन सज्जन समेत किसान पाले, बीनू, पवन, इंद्र, अनिल, कपूर व राजकुमार ने बताया कि करीबन 10 से 15 मिनट तक आसमान से सफेद आफत बरसती रही। हालात ये हो गए कि खेत, गांव की गलियाें व मकानों की छतों पर ओलों की सफेद परत बिछ गई। उन्होंने सरकार से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।
सरपंच बोले- ओलावृष्टि ने किसान के अरमानों पर फेरा पानी
ओलावृष्टि व बारिश से बौंदकलां में करीब साढ़े पांच हजार एकड़ में सरसों, गेहूं व अन्य फसलों में मोटा नुकसान हुआ है। सरकार को गिरदावरी करवाकर मुआवजा देना चाहिए। ओलावृष्टि ने किसान के अरमानों पर पानी फेर दिया। - अत्तर सिंह, सरपंच, बौंदकलां
करीब 20 मिनट तक ओलावृष्टि हुई, जिससे रबी की सभी प्रकार की फसलों में मोटा नुकसान हुआ है। किसान की मेहनत पर पानी फिर गया। सरकार जल्द ही गिरदावरी करवाने के निर्देश जारी करें। - अजीत सिंह, सरपंच, बौंदखुर्द
गांव रासीवास, छपार व डोहकी सहित आसपास के गांवों में ओेलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है। बारिश व ओलावृष्टि ने तबाही मचा दी। सरसों की फसल तो पककर तैयार हो चुकी थी। सरकार व विभाग को इस पर तत्काल गिरदावरी के आदेश जारी करने चाहिए। -सुनील कुमार, सरपंच, रासीवास
सांजरवास, रानीला व आसपास के गांवों में ओलावृष्टि से फसलों में काफी नुकसान हुआ है। आधा घंटे तक ओले गिरे, जिससे गेहूं की फसल बिछ गई। - विश्वजीत, सरपंच प्रतिनिधि, सांजरवास
विभाग को ओलावृष्टि की सूचना मिल गई है। सर्वे करवाए जाने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही सर्वे करवाकर नुकसान का आकलन करवाया जाएगा। बारिश व ओलावृष्टि से खासा नुकसान हुआ है। -डॉ. चंद्रभान श्योराण, कृषि विशेषज्ञ