कितलाना टोल प्लाजा धरनास्थल पर मौजूद किसान।
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चरखी दादरी। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने 12 अक्तूबर को किसान शहीद दिवस मनाने का फैसला लिया है। इसके अलावा दशहरे पर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री के पुतले जलाए जाएंगे। यह बात श्योराण खाप के प्रधान बिजेंद्र बेरला ने कितलाना टोल पर किसानों के अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि 18 अक्तूबर को देश में सुबह 10 बजे से शाम को 4 बजे तक रेल रोको आंदोलन चलाया जाएगा। इसके बाद 26 अक्तूबर को लखनऊ में किसान महापंचायत होगी।
जनवादी महिला समिति की संतोष देशवाल ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान 650 से अधिक जान गंवा चुके हैं, लेकिन सरकार है कि हठधर्मिता पर अड़ी है और किसानों से बात तक करने को राजी नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग भूल गए हैं कि जिस कुर्सी पर वे बैठे हैं वह इसी जनता की बदौलत है। उन्होंने कहा कि देश के अन्नदाता, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी और जवान इस अपमान को कभी नहीं भूलेंगे और इस माकूल जवाब देंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कितलाना टोल पर धरने के 290वें दिन सांगवान खाप 40 के सचिव नरसिंह सांगवान डीपीई, किसान सभा के ओमप्रकाश दलाल, चौधरी छोटूराम एवं भीमराव आंबेडकर मंच के बलबीर बजाड़, जाटू खाप के मास्टर राजसिंह जताई, मीरसिंह नीमड़ीवाली, आजाद सिवाच, अनिल कुमार, अनुराधा चांग, लक्ष्मी डोहकी, संतरा व चंद्रकला ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। धरने का मंच संचालन रणधीर घिकाड़ा ने किया।