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बाजरा खरीद न होने पर किसानों ने की नारेबाजी

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बाजरा खरीद न होने पर अनाज मंडी में रोष जताते भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के पदाधिकारी। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। बाजरा की खरीद शुरू न होने पर भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के पदाधिकारियों ने मंगलवार को नई अनाज मंडी में प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार पर किसानों को नाजायज तौर पर परेशान करने का आरोप लगाया गया। पदाधिकारियों ने सरकार और प्रशासन से एमएसपी पर बाजरा खरीदने की मांग की।
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प्रदेश अध्यक्ष जगबीर घसौला ने कहा कि गठबंधन सरकार ने बाजरे की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने की बजाय इसे भावांतर भरपाई में करके किसानों के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य 2250 कर दिया है और किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत 600 रुपये प्रति क्विंटल देने की बात कह रही है। जगबीर ने कहा कि प्राइवेट तौर पर बाजरा बेचने पर किसानों को एक हजार से 1100 रुपये ही दाम मिल रहे हैं और इस लिहाज से प्रति क्विंटल किसानों को साढ़े पांच सौ रुपये का घाटा झेलना पड़ रहा है।
प्रदेश महासचिव रणवीर फौजी ने कहा कि अगर अब भी किसान संगठनों ने मिलकर प्रदर्शन नहीं किया तो सरकार गेहूं और सरसों की खरीद भी मंडियों में बंद कर दी। विरोध प्रदर्शन में रविंद्र कुमार, राहुल नेहरा, जिला महासचिव धर्मचंद तिवाला, कटार सिंह, बबलू सेठ, संजय घसोला व अनिल बलकरा आदि ने भाग लिया।
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