चरखी दादरी। लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में किसानों व जनसंगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के निर्देशों पर जिले में ढाणी फाटक के समीप रेलवे ट्रैक जाम किया। किसान छह घंटे तक ट्रैक पर डेरा डाले रहे। इसके चलते पांच सवार गाड़ियों समेत 12 ट्रेन बाधित हुईं। इसके चलते रोजाना सफर करने वाले 500 से ज्यादा यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि जिले में कोई भी ट्रेन नहीं फंसी। दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चार ड्यूटी मजिस्ट्रेट समेत 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे।
जिले में किसानों ने सर्वजातीय फौगाट खाप-19 की अगुवाई में ढाणी फाटक से करीब 100 मीटर आगे रेलवे ट्रैक जाम किया। सुबह दस ही किसान रेलवे ट्रैक पर आकर बैठ गए और रेलवे लाइनों के समीप ही टेंट भी लगाया। करीब दो घंटे की बारिश के बाद किसान वहीं डटे रहे। दोपहर 12 बजे तक धरनास्थल पर तीन सौ से अधिक किसान मौजूद रहे। रेल रोको आंदोलन में जिले की खाप और किसान संगठनों समेत अन्य जनसंगठनों के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया।
खाप फौगाट प्रधान बलवंत नंबरदार ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के प्रत्येक फैसले का जिले में पूर्णतया पालन किया जाएगा। यह संगठनों की एकता के बलबूते भी हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर लोग यूं ही एकजुट रहे तो सरकार जल्द घुटने टेक देगी। प्रदर्शन में श्योराण, सांगवान खाप-40, सतगामा, चिड़िया समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भाग लेने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों के वाहनों की संख्या अधिक रहने के चलते ढाणी फौगाट रोड पर शाम तक ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित रही।
जामस्थल के अलावा रेलवे स्टेशन पर फोर्स समेत तैनात रहे ड्यूटी मजिस्ट्रेट
रेलवे ट्रैक जाम वाली जगह पर सौ से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। यहां ड्यूटी मजिस्ट्रेट के अलावा डीएसपी और दो इंस्पेक्टर तैनात रहे। वहीं, गुप्तचर विभाग के कर्मचारी भी यहां की हर गतिविधि पर नजर रखे रहे। रेलवे स्टेशन परिसर पर भी ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात रहा।
हुक्के गुड़गुड़ाकर और ताश खेलकर बिताया समय, प्रसाद की भी रही व्यवस्था
ढाणी फाटक के समीप किसानों ने अपना टेंट लगाया और फिर शाम चार बजे तक रेलवे ट्रैक पर डटे रहे। इस छह घंटे की समयावधि में किसानों ने हुक्के गुड़गुड़ाकर और ताश खेलकर समय व्यतीत किया। हालांकि बारिश ने थोड़ा खलल डाला, लेकिन इसके बाद ही किसानों ने तय समय पर ही रेल रोको आंदोलन का समापन किया। यहां पहुंचे लोगों के लिए पकौड़ों और चाय के अलावा खाने की भी व्यवस्था रही।
ये ट्रेनें हुई प्रभावित
किसानों के रेलवे ट्रैक जाम करने के चलते हिसार-रेवाड़ी, बठिंडा, जयपुर-हिसार, रेवाड़ीगंगानगर और रेवाड़ी-हिसार ट्रेनें बाधित रहीं। इनमें प्रतिदिन करीब 500 से अधिक यात्री सफर करते हैं। इनके अलावा सात मालगाड़ियां भी प्रभावित हुई हैं।
रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। हालांकि जिले में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और समयावधि पूरी होने के बाद किसानों ने रेलवे ट्रैक खाली कर दिया।
विनोद कुमार, एसपी
सभी संगठनों ने रेल रोको आंदोलन को जिले में कामयाब बनाया। हमने अनुशासन में रहकर प्रदर्शन किया है और आगे भी अनुशासन के साथ ही प्रदर्शन करेंगे।
बलवंत नंबरदार, प्रधान, फौगाट खाप-19
वर्जन:
रेलवे ट्रैक जाम रहने के चलते पांच सवारी गाड़ियां प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा करीब सात मालगाड़ियों के आवागमन पर भी इसका असर पड़ा है।
बालकिशन, स्टेशन मास्टर
रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान। संवाद- फोटो : CharkhiDadri