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नकली सिक्का मामला : केमिकल कार्य के लिए नरेश ने किराये पर ली थी जगह, दो माह का दिया था एडवांस

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चरखी दादरी। नकली सिक्के बनाने के मास्टरमाइंड नरेश ने गैरकानूनी कार्य के लिए इमलोटा निवासी जगबीर की जगह किराये पर ली थी। एक साल के लिए जगह का एग्रीमेंट हुआ था जो मार्च 2023 में पूरा होना था। इसके तहत जगह का मासिक किराया 15 हजार तय हुआ था और आरोपी नरेश ने जमीन मालिक को दो माह का एडवांस भी दिया था। रेंट एग्रीमेंट के अनुसार यह जगह नरेश ने केमिकल तैयार करने के काम के लिए ली थी जबकि जगह को नकली सिक्के बनाने के लिए प्रयोग किया गया।
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गौरतलब है कि इमलोटा में गत 22 अप्रैल को नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ हुआ था। यह फैक्टरी वहां बंद पड़ी एक वाटिका के अंदर चल रही थी। इस जगह का जायजा लेने के लिए संवाददाता सोमवार सुबह इमलोटा पहुंचे। वहां पहुंचने पर वाटिका के दोनों गेट पर ताले लटके मिले। इसके बाद जगह मालिक जगबीर के बेटे संजय से फोन पर बात की। संजय ने किसी काम से बाहर होने की बात कही, लेकिन बातचीत के दौरान उसने इस मसले पर अपना पक्ष भी रखा।
संजय के अनुसार, गत 25 मार्च को ही नरेश उनके घर से वाटिका की चाबी लेकर गया था। नरेश को जगह किराये पर देने से पहले उन्होंने रेंट एग्रीमेंट बनवाया था। ये एग्रीमेंट गत नौ अप्रैल को बनवाया गया था, जो 8 मार्च 2023 तक का था। संजय ने बताया कि नरेश ने केमिकल कार्य के लिए उनकी जगह किराये पर ली थी और इसका जिक्र बकायदा एग्रीमेंट में भी है। संजय का कहना है कि नरेश को उसका पिता जगबीर कैसे जानता है, इसकी जानकारी उसे नहीं है। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद से उसके पिता घर नहीं आए हैं, जबकि फोन पर भी उनकी बातचीत नहीं हो पा रही है। संजय ने बताया कि दो माह के किराये के तौर पर नरेश ने उसके पिता को 30 हजार रुपये एडवांस दिए थे और इसका जिक्र भी बकायदा एग्रीमेंट में है।
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- एक माह में 18 लाख तक के सिक्के तैयार करने की थी योजना -
दिल्ली पुलिस ने नकली सिक्के बनाने का कार्य करने वाले चार श्रमिकों को पकड़ा है। इनमें से एक श्रमिक एक दिन में करीब 1500 सिक्के तैयार करता था। ऐसे में फैक्टरी में एक दिन में 60 हजार कीमत के करीब छह हजार सिक्के तैयार होते थे। इस लिहाज से एक माह में नरेश की करीब 18 लाख रुपये के सिक्के तैयार कर मार्केट में खपाने की योजना थी।
- नरेश ही उगल सकता है सारे राज -
नकली सिक्के तैयार करने का सरगना नरेश इस समय दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की गिरफ्त में है। इस मामले से जुड़े अन्य राज भी नरेश ही उजागर करेगा। कच्चे माल को लेकर अभी तक नरेश ने मुंह नहीं खोला है जबकि इससे पहले वो नकली सिक्के तैयार करने के मामले में पूछताछ करने पर भी पुलिस को गुमराह करता रहा और सख्ती से पूछताछ करने के बाद ही उसने राज उगला था।
- सुर्खियों में आया इमलोटा, गांव में भी इसकी चर्चा
नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी का भंड़ाफोड़ होने के बाद से दादरी जिले के गांव इमलोटा सुर्खियों में है। संवाददाता ने सोमवार को गांव जाकर जब इस संबंध में माहौल देख तो ग्रामीणों में इसकी चर्चा मिली। ग्रामीण खुद अचरज में हैं कि उनके गांव में ऐसा गैरकानूनी काम भी हो सकता है।
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