चरखी दादरी। गर्मी के साथ ही पेयजल की खपत करीब 15 प्रतिशत बढ़ी गई है। शहर में अब प्रतिदिन 56 लाख लीटर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। सामान्य दिनों में शहर में करीब 48 लाख लीटर पानी की आपूर्ति होती है। खपत बढ़ने पर शहर में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति हो रही है।
शहर के दोनों जलघरों की पानी भंडारण क्षमता 3,700 लाख लीटर है। गर्मी के मौसम को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग अल सुबह साढ़े तीन बजे कॉलोनियों में पानी की सप्लाई शुरू कर रहा है। विभाग शहर में अब 17 घंटे पेयजल आपूर्ति कर रहा है। इसके लिए जलघर में पानी आपूर्ति के पंप व मोटरें 22 घंटे चलानी पड़ रही हैं। फिलहाल जलघरों में पर्याप्त पानी है। ऐसे में मापतौल कर सप्लाई कर रहा है, ताकि सभी को समान रूप से पानी मिल सके।
विभाग रात के समय शहर के विभिन्न भागों में स्थित सात बूस्टिंग स्टेशनों में पानी डालता है। जलघर से पंप व मोटर के जरिये इन बूस्टिंग में पानी डाला जाता है। बता दें कि शहर में 21 वार्ड और बाजार भी हैं। आबादी करीब एक लाख है। बारी-बारी से विभाग पेयजल की सप्लाई करता है। विभाग ने शहर को वार्ड वाइज अलग-अलग जोन में बांट कर रखा है, ताकि पानी का प्रेशर कम न होने पाए और लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिले। वैसे विभाग एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई कर रहा है। आधे शहर को एक दिन कवर किया जा रहा है और आधे शहर में अगले दिन पेयजल सप्लाई की जा रही है। इस प्रकार विभाग की ओर से सप्लाई की प्रतिदिन की औसत 17 घंटे है।
प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी उपलब्ध करवाने का प्रयास
लोगों को 70 लीटर प्रति व्यक्ति पानी उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं क्योंकि विभाग के पास पेयजल स्टोरेज के लिए वाटर टैंकों की कमी है। विभाग ने नए वाटर टैंकों के निर्माण का काम शुरू कर दिया है। पेयजल उपभोक्ता राधाकृष्ण, दिलबाग सिंह व धर्मबीर सिंह का कहना है कि विभाग को पेयजल समस्याओं का स्थायी रूप से समाधान करना चाहिए।
पेयजल परियोजनाओं पर भी चल रहा काम
शहर में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए जनस्वास्थ्य विभाग अलग-अलग चरण में पेयजल परियोजनाओं पर काम शुरू करवाया जा चुका है। इसके तहत घिकाड़ा जलघर को अपग्रेड किया जाना है, जबकि चंपापुरी जलघर में नए टैंक के निर्माण के साथ पुराने की मरम्मत करवाई जानी है। इतना ही नहीं शहर में पेयजल लाइनें भी डलनी हैं। दो नए बूस्टिंग स्टेशन बनने भी प्रस्तावित है।
विभाग गर्मी सीजन को देखते हुए पहले से ही सतर्क है। लोगों को भी चाहिए कि जरूरत के अनुसार ही पानी का इस्तेमाल करें। पानी की टोंटी खुली नहीं छोड़े। पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी। - धीरज सांगवान, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, चरखी दादरी।