गांव कारी धारणी में आयोजित बैठक में मौजूद लोग।
बाढड़ा। गांव कारी धारणी में एक परिवार के लोगों ने व्यक्ति की मृत्यु पर गंगा में अस्थियां प्रवाहित न करने की संकल्प लिया है। परिवार की ओर से फैसला लिया गया कि अस्थि विसर्जन में आने वाला खर्च स्कूल, कॉलेज व लाइब्रेरी आदि के लिए दान किया जाएगा।
बिजली विभाग में कार्यरत फोरमैन सुरेश कुमार के पिता भरथूराम का 25 जनवरी को देहांत हो गया था। वे 86 वर्ष के थे। मृतक के परिजनों ने मृतक की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने की परंपरा को बदलने का फैसला लिया। इस दौरान निर्णय लिया गया है गंगा जाने में जितना खर्च आता है वह अनुसूचित जाति चौपाल, लाइब्रेरी, स्कूल व कॉलेज में दान दे दी जाए। आज से 14 साल पहले एसडीएम मनोज कुमार दलाल ने इस पहल का सुझाव दिया था, उस समय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया था। इस फैसले पर एसडीएम तोशाम ने परिवार के लोगों का धन्यवाद किया। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता सुमेर सिंह, ईश्वर सिंह, पूर्व पंच रविंद्र, शमशेर, पूर्व सरपंच धर्मपाल, सुरेश कुमार, हंसराज, सुंदर सिंह, सत्यवीर, दलबीर, अशोक कुमार, रामनिवास, सागरराम आदि मौजूद रहे।