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निरीक्षण करने बैंक शाखा पहुंचे डीसी को मैनेजर मिला अनुपस्थित, लाभार्थियों ने भी की शिकायत

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बैंक शाखा में पहुंचकर निरीक्षण करते उपायुक्त श्यामलाल पूनिया। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने सोमवार को इमलोटा व बिगोवा गांव का दौरा कर मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना का लाभ लेने से मना करने वाले लाभार्थियों से संपर्क किया। उपायुक्त ने इमलोटा ग्रामीण बैंक की शाखा में जाकर योजना के लाभार्थियों की सूची जांची और लोन लेने से मना करने वाले लाभार्थियों से फोन पर बात कर उन्हें बैंक में बुलाया। इसके बाद लाभार्थियों को लोन के बारे में विस्तार से बताया तो वो इसके लिए तैयार हो गए।
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वहीं, निरीक्षण के दौरान उपायुक्त को भागवी बैंक के मैनेजर अनुपस्थित मिले और लोन लेने वाले आवेदकों ने उनके इस रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए उपायुक्त से शिकायत भी की। इस पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने उनके उच्च अधिकारियों को इससे अवगत करवाया। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना का लाभ लेने से मना करने वाली स्वरूपगढ़ निवासी रीना के घर जाकर उपायुक्त ने लाभ न लेने का कारण पूछा तो उसने बताया कि उनके घर कागजी कार्रवाई पूरी करने वाला कोई व्यक्ति नहीं है जिस कारण वे लोन लेने से हिचकिचा रही है। उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत आपको एक भैंस खरीदने पर 80 हजार रुपये का लोन दिया जाएगा, जिस पर 25 प्रतिशत अनुदान भी मिलेगा और छह माह बाद दूसरी भैंस लेने के लिए भी लोन ले सकेंगे। इस पर रीना को उपायुक्त की समझ आ गई और उन्होंने योजना का लाभ लेने के लिए हां कर दी। उपायुक्त ने गांव के पशु चिकित्सक को निर्देश दिए कि रीना की सभी प्रकार की कागजी कार्रवाई पूरी करवाकर उन्हें जल्द से जल्द लोन दिलवाया जाए।
हाजिरी रजिस्टर में मैनेजर के नाम के आगे के खाने मिले खाली
उपायुक्त श्यामलाल पूनिया जब भागवी गांव के सेंट्रल बैंक की शाखा में योजना के लाभार्थियों के लोन का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां के मैनेजर अनुपस्थित मिला। लाभार्थियों ने बताया कि मैनेजर माह में कभी कभी ही आता है जिस कारण उन्हें अभी तक लोन नहीं मिल पाया है। उपायुक्त ने बैंक कर्मचारियों से मैनेजर के न आने का कारण पूछा तो किसी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उपायुक्त ने हाजिरी रजिस्टर चैक किया तो उसकी हाजिरी के खाने भी रिक्त थे। जिस पर उपायुक्त ने कार्रवाई करते हुए मैनेजर के हाजिरी खानों में अनुपस्थिति दर्ज की और उच्च अधिकारी को फोन कर मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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पशु चिकित्सकों व बैंक कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना के तहत लाभपात्रों को रोजगार दिलवाने के लिए उनके ऋण जल्द स्वीकृत कर सहायता की राशि प्रदान की जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि बिना किसी ठोस कारण के एक भी पात्र का आवेदन नामंजूर नहीं होना चाहिए।
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-श्यामलाल पूनिया, उपायुक्त

महिला रीना देवी के घर पहुंचकर बात करते डीसी श्यामलाल पूनिया।- फोटो : CharkhiDadri

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