चरखी दादरी। क्रशरों के संचालन के आदेश जारी न होने से खफा जिला के क्रशर संचालकों और ट्रांसपोर्टर्स ने शहर में विरोध प्रदर्शन किया। 300 से अधिक प्रदर्शनकारी 51 मिनट तक सड़क पर नारेबाजी करते रहे और दोपहर साढ़े 12 बजे नगराधीश अमित मान को उन्होंने सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। क्रशर संचालकों ने चेतावनी दी कि मंगलवार तक अगर सरकार इस संबंध में मंजूरी दे देती है तो ठीक, वरना बुधवार से संचालक अपने क्रशर चलाएंगे। इसके लिए सरकार और प्रशासन को एक दिन का अल्टीमेटम देते हुए तुरंत प्रभाव से क्रशरों के काटे गए कनेक्शन भी जुड़वाने की मांग की है।
गौरतलब है कि प्रदूषण की स्तर चिंताजनक होने पर प्रदूषण फैलाने वालीं इकाईयों को बंद किया गया था। 11 नवंबर को इस संबंध में निर्देश जारी हुए थे और जिला प्रशासन के निर्देशों पर बिजली निगम ने सभी क्रशरों के कनेक्शन काट दिए थे। इसके बाद से ही क्रशरों के संचालन के आदेश जारी नहीं हुए हैं। दूसरी ओर जिला प्रशासन इस समयावधि में चार क्रशरों को सील कर चुका है। क्रशर संचालक लगातार काम शुरू करवाने की मांग सरकार व प्रशासन से कर रहे हैं, जो अब तक पूरी नहीं हुई है।
इस संबंध में सोमवार सुबह दस बजे जिले के क्रशर संचालक और ट्रांसपोर्टर रोजगार्डन में एकत्रित हुए। करीब एक घंटे तक यहां सभा की गई जिसमें वक्ताओं ने अपनी बात रखी। 11:32 पर क्रशर संचालकों और ट्रांसपोर्टरों ने प्रदर्शन की शुरुआत की। रोज गार्डन के सामने से प्रदर्शन शुरू किया और इसके बाद प्रदर्शनकारी परशुराम चौक होते हुए 12:23 पर लघु सचिवालय पहुंचे। वहां नगराधीश अमित मान उनसे ज्ञापन लेने पहुंचे। इस दौरान क्रशर एसोसिएशन प्रधान सोमबीर घसोला ने दो टूक कहा कि नगराधीश साहब, आप क्रशरों के काटे बिजली कनेक्शन तुरंत जुड़वा दो। अगर मंगलवार तक क्रशरों के संचालन की अनुमति मिली तो ठीक, वरना फिर बुधवार से सभी खुद क्रशर चला लेंगे। नगराधीश को ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारी वहां से लौट गए।
पांच हजार डंपर और ट्रॉले नहीं दौड़ पा रहे सड़कों पर
प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे ट्रांसपोर्टर हरीचंद्र, संदीप घसोला, धर्मबीर, धूप सिंह, नरेश, भूप सिंह व भोलू आदि ने बताया कि क्रशर होने से करीब पांच हजार डंपर और ट्रॉले सड़कों पर नहीं दौड़ पा रहे हैं। वाहनों की एक-एक किस्त जैसे-तैसे भर चुके हैं जबकि दस दिन बाद ही दूसरी किस्त भी भरनी है। उनका कहना है कि ट्रांसपोर्टर की हालत खराब है और अब सरकार को क्रशरों का संचालन शुरू करवाना चाहिए।
हर माह 32 करोड़ बिजली बिल और सरकार को देते हैं 400 करोड़ का राजस्व
ज्ञापन में क्रशर संचालकों ने बताया कि हर माह क्रशरों से बिजली निगम को 32 करोड़ रुपये की आमदनी होती है। पिछले करीब डेढ़ माह से क्रशर बंद हैं और ऐसे में भी बिजली निगम की ओर से उन्हें बिल भेजे गए हैं जबकि इस समयावधि में तो कनेक्शन कटे होने की वजह से क्रशरों का संचालन ही नहीं हुआ। क्रशर संचालकों का कहना है कि माइन्स और क्रशर जोन से सरकार को हर साल करीब 400 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है और इसके बाद भी क्रशर बंद किए जा रहे हैं।
20 हजार परिवारों पर मंडराया रोजी-रोटी का संकट
क्रशर संचालक सोमबीर, विकास, दिनेश, पवन, मनोज आदि ने बताया कि क्रशर बंद होने से गाड़ी चालकों समेत श्रमिकों को काम नहीं मिल पा रहा है। जिले के बिरहीकलां, खेड़ी बत्तर, रामलवास, झोझू, पिचोपा और अटेला जोन में 330 क्रशर हैं। ये क्रशर बंद होने से 20 हजार परिवार प्रभावित हैं। क्रशर संचालकों और ट्रांसपोर्टरों के समक्ष ईएमआई समेत अन्य आर्थिक समस्याएं आई हुई हैं।
सरकार की मंशा है कि हमारे क्रशर न चलने दे और राजस्थान से माल की सप्लाई हो। डेढ़ माह से क्रशर बंद हैं और सभी संचालक व ट्रांसपोर्टर परेशान हैं। हमने सरकार व प्रशासन को एक दिन का अल्टीमेटम दिया है और मंगलवार तक क्रशरों के संचालन के आदेश जारी नहीं हुए तो हम अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे और क्रशरों का संचालन भी करेंगे। नगराधीश से हमने बिजली कनेक्शन जुड़वाने की मांग की है। - सोमबीर घसोला, प्रधान, क्रशर एसोसिएशन
मुझे क्रशर संचालकों और ट्रांसपोर्टरों ने ज्ञापन सौंपा है। उनकी जो भी मांगे हैं उन्हें हम उच्चाधिकारियों तक पहुंचा देंगे। वहां से जो निर्देश मिलेंगे हम उनकी पालना करेंगे। - अमित मान, नगराधीश, चरखी दादरी
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रोज गार्डन में आयोजित बैठक को संबोधित करते एसोसिएशन प्रधान सोमबीर घसोला।
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शहर में प्रदर्शन करते क्रशर संचालक और ट्रांसपोर्टर।
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प्रदर्शन के मद्देनजर लघु सचिवालय में तैनात पुलिस बल।
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नगराधीश अमित मान को ज्ञापन सौंपते क्रशर संचालक।