चरखी दादरी। पिता-पुत्र को संदिग्ध हालात में गोली लगने के मामले में पत्नी के बयान के बाद नया मोड़ आ गया है। कल तक जहां आशंका जताई जा रही थी कि पति-पत्नी के विवाद के चलते फौजी पति ने अपने बेटे और खुद को गोली मारी। वहीं बुधवार को पत्नी के बयान ने पूरी कहानी ही बदल दी है। मृतक फौजी की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उसका सीआरपीएफ हवलदार पति लाइसेंसी पिस्टल साफ कर रहा था। अचानक गोली चल गई, जो बेटे को लगी। बेटे को गोली लगने का उसका पति अफसोस मना रहा था कि अचानक दोबारा गोली चली, जिससे उसके पति की मौत हुई। पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी के बयान पर आर्म्स एक्ट, 304ए व 338 धारा के तहत कार्रवाई की है। बुधवार को रोहतक पीजीआई में मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
गौरतलब है कि वार्ड-18 निवासी सीआरपीएफ हवलदार संजय के घर पर मंगलवार दोपहर गोली चल गई थी। मंगलवार शाम प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने बताया था कि संजय ने बेटे को गोली मारने के बाद गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पीजीआई रेफर किए गए बेटे हैप्पी के साथ रोहतक गई मृतक संजय की पत्नी सुमन के देर रात पुलिस ने बयान दर्ज किए। पुलिस को सुमन द्वारा दिए गए बयान से पूरा मामला ही पलट गया। मृतक की पत्नी ने इस पूरे घटनाक्रम को हादसा बताया। दूसरी ओर जांघ में गोली लगने से घायल हैप्पी का देर रात ऑपरेशन हुआ। उसकी हालत वैसे खतरे से बाहर है।
मृतक की पत्नी सुमन ने पुलिस बयान में घटना को हादसा बताया है। जिस हथियार से गोली चली वह लाइसेंसी था। मृतक की पत्नी ने बताया कि संजय लाइसेंसी हथियार साफ कर रहा था और उस दौरान गलती से चली गोली उसके बेटे को लग गई। इसके बाद अफसोस में जब संजय ने पिस्टल से अपना सिर खुजलाया तो दोबारा से गलती से ट्रिगर दब गया। हमने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
- वजीर रेढ्ढू, सिटी थाना प्रभारी