चरखी दादरी। जिले के सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत विभिन्न बिंदुओं की धरातल पर जांच होगी। इस काम के लिए जिले के तीनों ब्लॉक से 35 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन व एबीआरसी की ड्यूटी लगाई गई है। जांच के बाद स्वच्छता से संबंधित पूरा डाटा एप पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद ब्लॉक व जिला स्तर पर तीन-तीन स्वच्छता पुरस्कार दिए जाएंगे। यह डाटा 15 मई तक अपलोड होना है। जिले के करीब 300 सरकारी व करीब 50 प्राइमरी स्कूल इसमें शामिल हैं।
स्कूलों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से ऐप लांच किया गया है। इस ऐप पर स्वच्छता से संबंधित विद्यालयों की सभी प्रकार की जानकारी मांगी गई है। इन प्रतिभागी स्कूलों का पोर्टल पर पंजीकरण पहले ही हो चुका है। अब 35 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन व एबीआरसी को इन स्कूलों की फिजिकल जांच करने की हिदायतें जारी की गई हैं। ये रिसोर्स स्कूलों में जाकर स्वच्छता संबंधित विभिन्न बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार कर ऐप पर अपलोड करेंगे।
विभिन्न बिंदुओं पर परखा जाएगा -
इसके तहत चेकिंग टीम प्रत्येक स्कूल की नौ फोटो अपलोड करेगी। टीम स्कूल में जल संरक्षण के बिंदू पर विशेष फोकस करेगी। इसके अलावा स्कूल में समय-समय पर पेयजल की जांच होती है या नहीं, इस बिंदू को भी शामिल किया गया है। स्कूलों में जल स्रोत व इसके सदुपयोग पर भी फोकस होगा। स्कूल में टीचर ने हाईजिन की ट्रेनिंग ले रखी है या नहीं, विद्यार्थी स्कूल में साबुन से हाथ देते है या नहीं इसे भी शामिल किया गया है। मिड-डे-मील की स्थिति, खाने की गुणवत्ता व सफाई, स्कूल में लड़कों व लड़कियों के अलग से शौचालय, कोविड रोकथाम के प्रबंध, विद्यार्थियों में जागरूकता व स्कूल प्रबंधन समिति की इसमें भूमिका को भी परखा जाएगा।
निरीक्षण के आधार पर तैयार होगा परिणाम
इन तमाम बिंदुओं के आकलन के बाद परिणाम तैयार किया जाएगा। ब्लॉक व जिला स्तर पर तीन-तीन पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके लिए जिला कोर्डिनेटर बीआरपी मनोज कुमार को बनाया गया है। रिसोर्स पर्सन ने स्कूलों में जाकर फिजिकली वेरिफिकेशन का काम शुरू कर रखा है। 15 मई तक यह काम पूरा होना है। इस सर्वेक्षण में प्राइमरी, मिडल, हाई स्कूल व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को शामिल किया गया है।
जल संरक्षण के प्रबंधों पर भी रहेगा ध्यान
विदित रहे गत दिनों सरकारी स्कूलों में मोबाइल शौचालयों की भी व्यवस्था की गई थी। जल संरक्षण के लिए भी भवन की छत व परिसर के संग्रह पर बल दिया गया है। इसके लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के निर्देश हैं।
वर्जन
सर्वेक्षण का काम धरातल पर जाकर किया जा रहा है। 35 बीआरपी व एमबीआरसी की ड्यूटी हमने लगा रखी है। प्रत्येक स्कूल के नौ फोटो अपलोड करने हैं। ब्लॉक व जिला स्तर पर तीन-तीन पुरस्कार दिए जाएंगे।
- डॉ. महेंद्र सिंह, ब्लॉक कोर्डिनेटर, बौंदकलां ब्लॉक।