चरखी दादरी। सिविल अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं। अधिकारियों की लेटलतीफी का आलम ये है कि लैब में सीबीसी मशीन का कैमिकल खत्म कई दिन बीत चुके हैं। इसके चलते खून की 21 प्रकार की जांच नहीं हो पा रही है। सिविल अस्पताल में 650 से अधिक सैंपलों की रिपोर्ट फिलहाल लंबित है और मरीज अपनी बीमारी का उपचार तक शुरू नहीं करवा पा रहे।
दरअसल, लैब सिविल अस्पताल प्रशासन के अधीन आती है। पैथोलॉजिस्ट की ओर से सीबीसी मशीन का कैमिकल मंगवाने के लिए प्रबंधन को लिखा भी गया, लेकिन जिम्मेदारों ने समय रहते गौर नहीं किया। इसका नतीजा ये हुआ कि कैमिकल खत्म होते ही सीबीसी मशीन से टेस्टिंग बंद हो गई। तब से ही मरीजों के खून की जांच रिपोर्ट लंबित हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार कैमिकल खत्म होने से पहले ही आगे ऑर्डर करना होता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कैमिकल जब बिल्कुल खत्म हो गया तो विभाग जागा और अब जाकर ये प्रक्रिया पूरी की गई है। वहीं, शनिवार को ये मामला सीएमओ कार्यालय भी पहुंच गया। कार्यवाहक सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज ने इस पर संज्ञान लेकर कैमिकल के लिए ऑर्डर कर दिया। इतना ही नहीं सीएमओ कार्यालय की ओर से एजेंसी से भी संपर्क किया गया। एजेंसी की ओर से तीन से चार दिन के अंदर कैमिकल भेजने का आश्वासन दिया गया है।
- ये जांच हैं प्रभावित
सीबीसी मशीन से हिमेटोलॉजी टेस्ट, टीएलसी, प्लेटलेट्स जांच, डीएलसी, हिमोग्लोबिन समेत खून की 20 प्रकार की जांच की जाती है। रिपोर्ट कैमिकल से ही तैयार होती हैं। कैमिकल खत्म होने से इन विभिन्न प्रकार की जांच की रिपोर्ट लैब में तैयार नहीं हो पा रही।
- बार-बार सामने आ रही अस्पताल प्रबंधन की चूक
बार-बार सिविल अस्पताल प्रबंधन की चूक उच्चाधिकारियों की पकड़ में आ रही है। इन चूक को सुधारने के लिए सीएमओ को स्वयं हस्तक्षेप कर खामियों को दूर करवाना पड़ रहा है और इस व्यस्तता के चलते सिविल सर्जन से जुड़े अन्य काम भी बाधित हो रहे हैं।
- डेंगू के बढ़ रहे मामले
इस साल जिले में पिछले तीन माह से लगातार डेंगू केस मिल रहे हैं। इस सीजन में डेंगू मरीजों का आंकड़ा 867 पहुंच चुका है। फिलहाल प्लेटलेट्स की जांच न होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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पहले एसएमओ के पास डीडी पावर नहीं थी, इसी के चलते कैमिकल के लिए ऑर्डर नहीं कर पाए। अब ऑर्डर कर दिया और जल्द ही कैमिकल पहुंचने की उम्मीद है।
-डॉ. बिजेंद्र, डीएमएस, सिविल अस्पताल
शनिवार को ही ये मामला संज्ञान में आया है। जिसके बाद रिमेजेंड के लिए ऑर्डर कर दिया है। तीन से चार दिन के अंदर कैमिकल पहुंच जाएगा। इसके बाद जांच रिपोर्ट तैयार करने में कोई परेशानी नहीं होगी।
-डॉ. गौरव भारद्वाज, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी