चरखी दादरी। बदलते मौसम में सामान्य बीमारी खांसी-जुकाम व बुखार के मामले जिले में बढ़ रहे हैं। एक सप्ताह से प्रतिदिन इन बीमारियों से ग्रस्त 250 से अधिक मरीज उपचार के लिए सिविल अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके चलते सिविल अस्पताल की ओपीडी भी सामान्य दिनों के मुकाबले 20 फीसदी बढ़ गई है। सामान्य दिनों के जहां ओपीडी 500 रहती थी, जोकि पिछले एक सप्ताह से 600 के पार है। इसमें से 45 फीसदी मरीज खांसी जुकाम व बुखार से ग्रस्त हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन मरीजों की कोरोना जांच के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। दूसरी ओर जिले डेंगू और मलेरिया पॉजिटिव नौ केस भी सामने आ चुके हैं।
सिविल अस्पताल की सामान्य दिनों में दैनिक ओपीडी 500 तक सीमित रहती है। पिछले चार दिनों से जिले में बूंदाबांदी का दौर जारी है, जबकि सितंबर के पहले सप्ताह में झमाझम बारिश हुुई थी। इसके बाद ठप सीवर सिस्टम के चलते गलियों में भी दूषित पानी भरा हुआ है, जो बीमारियां फैलने का कारण बन सकता है। सात सितंबर के बाद से सिविल अस्पताल की ओपीडी 600 से 630 तक सीमित है और इनमें से करीब 45 फीसदी मरीज खांसी, जुकाम, बुखार और चर्म रोग से ग्रस्त हैं। इस समयावधि में प्रतिदिन 500 से अधिक लोगों ने कोरोना जांच के लिए सैंपल भी दिए हैं। बारिश के मौसम में चिकित्सकों ने लोगों से सावधानियां बरतने की अपील की है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में खांसी, जुकाम, बुखार आदि की शिकायत होने पर नजरअंदाज न करें, बल्कि सीधे स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर चिकित्सक से परामर्श लें। सिविल अस्पताल के अलावा एमसीएच और सीएचसी-पीएचसी की ओपीडी भी इन दिनों बढ़ी हुई है। सीएचसी की ओपीडी 15 फीसदी तो पीएचसी की ओपीडी दस फीसदी तक बढ़ी हुई है।
ये है स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या और ओपीडी की स्थिति
जिले में सिविल अस्पताल के अलावा एक मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंदग और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। सिविल अस्पताल की ओपीडी सामान्य दिनों में 500 रहती है जो अब 600 से पार चल रही है। इसी प्रकार एमसीएच की दैनिक ओपीडी करीब 75 रहती है और यहां प्रतिदिन अब 90 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इस प्रकार एक सीएचसी की ओपीडी 60 रहती है और यहां भी मरीजों की संख्या 70 तक पहुंची हुई है। पीएचसी में करीब 15 मरीज प्रतिदिन पहुंचते हैं और अब यहां भी मरीजों की संख्या बढ़ी है।
सिविल अस्पताल में एक सप्ताह की ओपीडी
तारीख ओपीडी
14 सितंबर 617
13 सितंबर 609
12 सितंबर अवकाश
11 सितंबर अवकाश
10 सितंबर 611
9 सितंबर 601
8 सितंबर 619
7 सितंबर 622
इन बातों का रखें ख्याल
- रात को सोते समय पूरे कपड़े पहनकर ही सोएं।
- घरों के आस पास पानी एकत्रित न होने दें।
- जुकाम खांसी व बुखार होने पर चिकित्सक से राय लें।
- बुजुर्गों और बच्चों का इस मौसम में विशेष ध्यान रखें।
पांच डेंगू के तो चार मलेरिया के केस आ चुके सामने
इस सीजन में जिले में नौ लोग डेंगू और मलेरिया पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें पांच केस डेंगू और चार केस मलेरिया के हैं। इनमें शहरी क्षेत्र का एक ही केस है, जबकि आठ केस ग्रामीण क्षेत्र हैं। कई गांवों में तो अभी भी जलभराव की स्थिति बरकरार है और खेतों में पानी भरने से वहां मकान बनाकर रिहायश करने वालों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है।
मौसम परिवर्तनशील होने के चलते ओपीडी बढ़ी है। मेरी अपील है कि अगर किसी को खांसी, जुकाम, बुखार के लक्षण नजर आएं तो तुरंत अपनी जांच करवाएं। इस मौसम में बीमारियों को हल्के में न लें। समय पर उपचार से ही बचाव संभव है।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ