चरखी दादरी। सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए वीरवार को नगर परिषद चेयरमैन कार्यालय में पार्षदों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी पार्षद पहुंचे और ज्यादातर मौजूदा सफाई व्यवस्था से खफा नजर आए। कुछ पार्षदों ने सफाई कर्मचारियों की कम संख्या का हवाला देते हुए यह तक कह दिया कि चेयरमैन साहब शहर सड़ रहा है जबकि हमारे 56 कर्मचारी अफसरों की कोठियां चमका रहे हैं। इन्हें तनख्वाह शहर की सफाई के लिए मिलती है, न कि अफसरों को खुश करने के लिए। उनके इस चुटीले तंज पर चेयरमैन बक्शीराम सैनी और नगर परिषद सचिव ने जल्द कर्मचारियों की कमी दूर करने का आश्वासन दिया।
दरअसल शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है और हर वार्ड में जरूरत के अनुसार सफाई कर्मचारी नहीं भेजे जा रहे। इस समस्या से पार्षद परेशान हैं और उनके आग्रह पर चेयरमैन बक्शीराम सैनी ने वीरवार को पार्षदों की आम बैठक बुलाई। बैठक में नगर परिषद ईओ, सचिव और सफाई शाखा के अधिकारी व सफाई दरोगा मौजूद रहे। बैठक में सफाई व्यवस्था को लेकर रार नजर आई और पार्षदों की सफाई दरोगा से तकरार तक हो गई।
बैठक में वार्ड-20 से पार्षद रचना देवी के पति विरेंद्र चरखी ने सफाई कर्मचारियों की कमी के साथ कचरे का उठान न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सफाई दरोगा के पास लगातार फोन करने के बाद कचरा उठान के लिए 15 दिन के अंतराल पर ट्रैक्टर पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि चेयरमैन साहब आप वार्ड में जाकर हालात देखो, व्यवस्था बिगड़ी हुई। वहीं वार्ड-1 से पार्षद जयसिंह लांबा ने भी नियमित सफाई व कचरे का उठान न होने के साथ कर्मचारियों की कमी दूर करने की मांग रखी। उन्होंने रेलवे रोड पर बनी सीवर समस्या का भी जल्द समाधान कराने की मांग की।
वार्ड-दो से पार्षद मुनेश दहिया के पति पप्पू दहिया ने कहा कि नगर परिषद के पास 209 कर्मचारी हैं जबकि ज्यादातर वार्डों में दो से तीन कर्मचारी ही भेजे जा रहे हैं। इस लिहाज से करीब 65 कर्मचारी वार्डों में पहुंच रहे हैं जबकि बाकी कर्मचारी कहां रहते हैं, इसकी खबर ही नहीं है। इस पर एक सफाई दरोगा ने कहा कि 56 कर्मचारी अधिकारियों की कोठियों पर सफाई कर रहे हैं। इसके बाद तो पार्षदों ने हाजिरी रजिस्टर चेक करने की मांग कर डाली और चेयरमैन बक्शी राम सैनी ने अपनी मेज पर ही हाजिरी रजिस्टर तलब कर लिया। इस दौरान पक्के 84 कर्मचारियों में से 62 की ही हाजिरी लगी मिली। हालांकि अधिकारियों ने यहां स्थिति संभालते हुए पार्षदों को जल्द कर्मचारियों की कमी दूर कराने का आश्वासन दिया। वहीं पार्षद कुलदीप सैनी ने सेक्टर-8 में कचरा निस्तारण बंद कराने की मांग की।
आप बताए, किसकी कमी से लाखों रुपये हुए बर्बाद
वार्ड-18 से पार्षद अन्नू रानी, उनके पति एवं पूर्व पार्षद कुलदीप गांधी और वार्ड-19 से पार्षद अजय सांगवान ने कचरा उठान करने वाले संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 2015 में जो चार ऑटो टीपर खरीदे गए थे, उन्हें आज तक सड़कों पर नहीं उतारा गया है। इस पर सचिव ने बताया कि इनकी अब तक आरसी नहीं बनी है और इसके चलते इन्हें हम रोड पर नहीं उतार सकते। इस पर कुलदीप गांधी ने कहा लाखों खर्च कर खरीदे गए ऑटो टीपर किसकी कमी से कबाड़ बन रहे हैं, यह जांच का विषय है। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले की जांच कर दोषी पर कार्रवाई करने की मांग की।
पार्षदों ने सफाई दरोगा के व्यवहार पर जताई नाराजगी
पार्षदों ने बैठक में सफाई दरोगा के व्यवहार को लेकर भी शिकायत की। एक पार्षद प्रतिनिधि पप्पू दहिया ने तो यहां तक कह दिया कि सफाई दरोगा धोंस देते हुए उन्हें कहते हैं कि हम दरी पर पार्षदों की नाक रगड़वाना जानते हैं। इसके अलावा एक अन्य पार्षद ने सफाई दरोगा के उल्टे जवाब देने की भी शिकायत की।
पार्षदों ने ये भी उठाई मांगें
सफाई कर्मचारियों की दो बार हाजिरी लेने की बजाय शाम की हाजिरी पार्षद से पूछकर लगाई जाए।
- पूरे शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार करने के लिए प्रत्येक वार्ड को 6-6 कर्मचारी मुहैया करवाए जाए।
- संसाधनों की कमी दूर करने के साथ कचरा उठान करने वाले वाहनों में आई खराबी दूर कराई जाए।
- अफसरों की कोठियों से कर्मचारी हटवाने के लिए अगर डीसी से मिलने की जरूरत है तो हम तैयार हैं।
कहासुनी के अलावा ठहाकों पर खूब हंसे पार्षद
बैठक के मध्यांतर समय में पूर्व पार्षद कुलदीप गांधी ने अपनी पत्नी अन्नू से कहा कि तुम तो मुझसे पूछकर बोला करो। उनकी बात सुनकर सभी हंस पड़े। वार्ड-14 के पार्षद सतबीर चौहान ने चुटकी लेते हुए कहा कि मेरे वार्ड की दो गलियां बंद है जबकि 3 में पानी भरा है। ऐसे में मेरे वार्ड के 5 सफाई कर्मचारी खाली हैं। पार्षद विनोद ने अपनी सीट पर खड़े होकर कहा कि मेरे वार्ड में सफाई व्यवस्था बहुत अच्छी है, चेयरमैन इसके लिए आपका शुक्रिया। उनकी बात सुनकर पार्षद हंस पड़े।
वार्डों की सफाई संबंधी समस्याएं जानने के लिए यह बैठक बुलाई थी। पार्षदों की जो भी समस्याएं और शिकायतें थीं, वो अधिकारियों को नोट करवा दी गई हैं। जल्द ही इनका समाधान करवा दिया जाएगा।
बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद