चरखी दादरी। एक सितंबर को हुई बारिश के बाद बाजार में पानी भरने से 95 व्यापारियों की दुकानों में रखा 91.38 लाख का सामान खराब हुआ है। इसकी पुष्टि नगर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने दुकानवाइज तैयार की सूची में की। इस नुकसान की भरपाई के लिए वीरवार को सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नगराधीश अमित मान से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने नुकसान की भरपाई संबंधी मांगपत्र के साथ दुकानदारों की सूची भी सौंपी और जल्द से जल्द मुआवजा दिलवाने की मांग की। इसके बाद सीवरेज व्यवस्था के मौजूदा प्रबंधों पर भी व्यापारियों ने नगराधीश से जवाब मांगे।
गौरतलब है कि एक सितंबर को हुई बारिश में शहर की सीवरेज व्यवस्था ठप हो गई थी। चार दिन तक आंबेडकर चौक से पुरानी सब्जी मंडी रोड और आंबेडकर चौक से लाला लाजपतराय चौक होते हुए पुरानी अनाज मंडी की तरफ जाने वाली सड़क पर तीन फुट तक पानी भरा रहा था। इसके चलते पानी शटर के नीचे से होकर दुकानों में तक भर गया। चार दिन बाद पानी निकासी होने पर पांचवें दिन ही बाजार खुला था। व्यापारियों ने जब दुकानें खोलीं तो अंदर रखा सामान पानी भरने की वजह से खराब हो चुका है। व्यापारियों पर पड़ी मार के लिए नगर व्यापार मंडल ने जनस्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था। यहां तक जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर मामला दर्ज करने के लिए लिखित शिकायत भी थाने में दी गई थी। दूसरी ओर नगर व्यापार मंडल ने जिन दुकानदारों को नुकसान हुआ, उनकी सूची तैयार की।
वीरवार सुबह सवा 11 बजे सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कार्यकारी प्रधान रविंद्र गुप्ता और प्रदेश सब्जी मंडी एसोसिएशन के कार्यकारी प्रधान नितिन जांघू की अगुवाई में नगराधीश अमित मान से मिला। करीब बीस मिनट तक प्रतिनिधिमंडल ने सीटीएम अमित मान से बेपटरी सीवरेज व्यवस्था पर चर्चा की और इसके बाद उन्हें नुकसान झेलने वाले व्यापारियों की सूची सौंपी। सीटीएम ने यह सूची और व्यापारियों का मांगपत्र सरकार को भेजने का आश्वासन दिया।
सूची में दिए व्यापारियों के नुकसान का ब्योरा
एक दिन की बारिश में 47 दुकानदार ऐसे हैं जिन्हें 50 हजार या इससे कम नुकसान हुआ। इनका नुकसान राशि 16.12 लाख बताई गई है। वहीं, 50 हजार से 99 हजार रुपये तक 13 दुकानदारों को नुकसान हुआ है, जिसकी कुल राशि 7.94 लाख बनती है। एक से तीन लाख के बीच 32 व्यापारियों को नुकसान है और उनकी कुल राशि 46.77 लाख बनती है। पांच ऐसे भी व्यापारी है जिन्हें तीन लाख से लेकर छह लाख तक नुकसान हुआ है और उनकी नुकसान राशि 20.55 लाख बनती है।
600 से ज्यादा दुकानें रही थी बंद
व्यापार मंडल के अनुसार हुए सामान की नुकसान राशि की भरपाई करने की मांग की गई है। जलभराव के चलते 600 से अधिक दुकानें चार दिन तक बंद रही थी और इसके चलते व्यापारी को प्रतिदिन करीब दो करोड़ का फटका लगा था। इस लिहाज से आठ करोड़ का नुकसान बाजार बंद रहने से भी हुआ है और ये नुकसान राशि से अलग है।
बेपटरी सीवरेज और सफाई व्यवस्था को लेकर सीटीएम से किए सवाल तो घनघनाए अधिकारियों के फोन
सीटीएम से मिलने पहुंचे व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने शहर की सीवर व्यवस्था के साथ सफाई व्यवस्था में सुधार करने की मांग की। सीटीएम के समक्ष व्यापारियों ने ठप सीवर लाइन समेत कचरे का उठान न होने की शिकायत की, इसके बाद सीटीएम ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को फोन घूमाकर व्यापारियों की समस्याओं से अवगत करवाया।
व्यापारियों के सवाल, सीटीएम की ये रही प्रतिक्रिया
समस्या: व्यापारियों ने कहा कि पुरानी सब्जी मंडी रोड के समीप से कचरे का उठान नहीं हो रहा है।
प्रतिक्रिया: सीटीएम ने तुरंत नप सचिव को फोन लगाया और उन्हें तुरंत प्रभाव से कचरे का उठान करवाने के निर्देश दिए।
समस्या: व्यापारियों ने जिले के लिए सुपर शकर मशीन खरीद प्रक्रिया की अपडेट रिपोर्ट मांगी।
प्रतिक्रिया: सीटीएम ने जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ को फोन मिलाया और व्यापारियों को शुक्रवार तक स्टेट्स बताने का आश्वासन दिया।
समस्या: व्यापारी ने कहा कि डुंगर वाला जोहड़ से पानी का उठान करने वाली मोटरें बंद हैं।
प्रतिक्रिया: सीटीएम ने कहा कि एक मोटर खराब होने के चलते दिक्कत आई थी और मैंने इसे ठीक करवाने के आदेश दे दिए है।
जलभराव के चलते जिन दुकानदारों को नुकसान हुआ है उसकी सूची हमने नगराधीश को सौंपी है। हमारी मांग है कि शहर के व्यापारियों को हुए नुकसान की भरपाई की जाए। व्यापारी बेहद मंदी के दौर से गुजर रहे हैं।
रविंद्र गुप्ता, कार्यकारी प्रधान, नगर व्यापार मंडल
अब काफी हद तक शहर को जलभराव से निजात मिल चुकी है। व्यापारियों ने मुझे जो मांगपत्र और दुकानदारों की सूची सौंपी है, उसे सरकार के पास भेजा जाएगा। व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए हम प्रयासरत है।
अमित मान, नगराधीश
नुकसान को लेकर रोष जताते व्यापारी।- फोटो : CharkhiDadri