जिले में मौजूदा शैक्षिक सत्र में सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या 7510 बढ़ी है। शिक्षा विभाग के पास जिला में इस समय 2500 शिक्षक है। ऐसे में छात्र संख्या बढने पर 185 शिक्षकों की और जरूरत है। जिला की नए सत्र में छात्र संख्या 42601 पहुंच गई है जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 35091 थी।
कोरोना की वजह से सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या में इजाफा हुआ है। अधिकतर अभिभावकों ने प्राइवेट स्कूलों में मोटी फीस को देखते हुए स्कूल बंद होने के चलते सरकारी स्कूलों में एडमिशन करवाना उचित समझा है। इस वजह से सरकारी स्कूलों में दाखिले बढ़ गए।
जिला में 70 हाई स्कूल और 45 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। इसी प्रकार 210 प्राइमरी स्कूल हैं। इनके अलावा मिडिल स्कूल भी हैं। कुल 365 सरकारी स्कूल हैं। जिला में सत्र 2020 में पहली से 12वीं तक छात्र संख्या 35091 थी जो इस नए सत्र में बढ़कर 42601 हो गई है। इस प्रकार एक साल के दौरान सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या 7510 बढ़ी है।
अब छात्र संख्या बढ़ने पर शिक्षकों की कमी पड़ गई है। जिला में इस समय प्राइमरी, सीएंडवी, मास्टर, प्राध्यापक, मिडल हेड, हेडमास्टर व प्राचार्य सहित कुल अध्यापक 2500 हैं। अब छात्र संख्या बढ़ने पर कम से कम 185 शिक्षक और चाहिए तब जाकर सभी विषयों की सभी कक्षाओं की समयसारिणी के अनुसार शिक्षण कार्य सुचारू रूप से हो सकेगा।
- 45 सरकारी स्कूलों में 165 कमरे जर्जर
छात्र संख्या बढ़ने पर कमरों की भी जरूरत बढ़ जाती है। जिला में 45 सरकारी स्कूलों में 165 कमरे तो ऐसे हैं, जो बैठने लायक नहीं हैं। शिक्षा विभाग ने पिछले साल इन कमरों को कंडम घोषित करवाए जाने के लिए एस्टीमेट भेजा था लेकिन सरकार ने इन कमरों को अभी तक कंडम घोषित कर नए कमरों का निर्माण नहीं करवाया है। ऐसे में सर्दी, गर्मी व बरसात के मौसम में छात्र-छात्राओं को बेहद परेशानी झेलनी पड़ती है। कई स्कूलों में खिड़की व दरवाजे टूटे हुए हैं तो कही खेल मैदान खराब है। जलभराव की समस्या बनी रहती है। स्कूलों में लाइब्रेरी भवन भी नहीं हैं। लाइब्रेरियन के पद सृजित नहीं करने से शिक्षक ही लाइब्रेरियन का काम करने को मजबूर हैं। जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित होता है और पुस्तकों का भी ठीक प्रकार से रखरखाव नहीं हो पाता है।
वर्जन
छात्र संख्या बढ़ने पर डाइट से भी लेक्चरर को स्कूलों में पढ़ाने के लिए लगा दिया गया है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। कमरों के निर्माण के लिए सरकार की ओर प्रयास जारी हैं। सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ना समाज की इन स्कूलों के प्रति सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
जयप्रकाश संभ्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी।