चरखी दादरी। शहर में 40 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन में से 20 किलोमीटर की लाइन जवाब दे चुकी हैं। चंपापुरी जलघर से रोहतक फव्वारा चौक तक करीब दो किलोमीटर लंबी मेन लाइन करीब 250 अवैध पेयजल कनेक्शनों ने कंडम कर दी है। ये कनेक्शन समय-समय पर लीकेज रहते हैं। वैसे भी यह लाइन 40 साल पुरानी होने के कारण आपूर्ति में समय समय पर व्यवधान आ रहा है। रेलवे क्रासिंग एरिया में कम मोटाई की पाइप लाइन होने की वजह से प्रेशर नहीं बन पा रहा है।
शहर में पेयजल आपूर्ति का ढांचा पूरी तरह से चरमरा चुका है। जलघर में लगे सिस्टम व मोटरों की पेयजल उठान क्षमता कमजोर हो चुकी है। शहर के विभिन्न भागों में पेयजल की कंडम एवं लीकेज लाइनों से एक ओर से दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। वहीं, पानी की बर्बादी भी हो रही है। इस समय एक दर्जन से ज्यादा प्वाइंटों पर लाइनों को बदलने की जरूरत है। पानी सप्लाई का सिस्टम भी सही तरीके से नहीं हो रहा है।
शहर में पेयजल की गुणवत्ता वैसे ही कम बनी रहती है। सप्लाई में साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। कई भागों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है तो कहीं सीवर मिक्स पानी की आपूर्ति हो रही है। उपभोक्ताओं की आए दिन शिकायतें बनी रहती हैं। खासकर पेयजल की पुरानी लाइनें ज्यादा कंडम एवं खराब स्थिति में हैं जो सीवर की लाइनों में भी कहीं न कहीं कनेक्ट हैं। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जलघर से पानी को पूरी तरह से शुद्ध एवं फिल्टर करके सप्लाई किया जाता है, लेकिन इन लाइनों की वजह से पानी की सप्लाई दूषितमय बन जाती है।
कालोनियों में विभिन्न भागों में समय-समय पर पाइप लाइन लीकेज करने से भी परेशानी बनी रहती है। लोग विभाग से बार-बार शिकायतें करते हैं, लेकिन लीकेज को ठीक करने में कई दिन लगा दिए जाते हैं। लीकेज की वजह से सड़कें भी खराब हो जाती हैं। पानी में मिट्टी का मिश्रण हो जाता है जिससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने लगती है।
- इन क्षेत्रों में बनी है समस्या
शहर के चरखी गेट, ढाणी रोड, सरदार झाडू सिंह चौक, सैनीपुरा, पुराना शहर, गांधी नगर व हरि नगर आदि क्षेत्र में पेयजल की लाइनें बदलने की जरूरत है। इसी प्रकार किला रोड पर वॉल्व लीकेज की समस्या बनी रहती है जिससे सड़क बार-बार टूट रही है। इस समय शहर की कंडम एवं पुरानी लाइनों को रिप्लेस करने की सख्त जरूरत बनी हुई है। लाइनें के मेन वॉल भी दुरुस्त किए जाने की जरूरत है ताकि सड़कें न टूटने पाए।
वर्जन::
विभाग ने इन तमाम बिंदुओं को लेकर एस्टीमेट तैयार कर हैड ऑफिस भेज रखा है जैसे ही सरकार की ओर से बजट मिलेगा इस पर काम शुरू हो जाएगा। ये सभी समस्याएं दूर करवा दी जाएंगी। शहर में तीन नए वाटर टैंक भी बनाए जाने हैं।
- सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।