चरखी दादरी। किसानों और आमजन की सुविधा के लिए सिंचाई विभाग 1.25 करोड़ के बजट से मुख्य लोहारू नहर पर पुल बनाएगा। यह पुल आरडी-86 रावलधी के समीप बनना है। नवंबर तक इस प्रोजेक्ट के पूरा होने की उम्मीद है और इसके लिए टेंडर अलॉटमेंट के साथ वर्क ऑर्डर भी जारी हो चुका है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द से जल्द इस पुल के निर्माण का कार्य पूरा करवाया जाएगा।
जिला में नहरों पर बने पुल वर्षों पुराने हैं। कई जगह तो पुल कंडम स्थिति में हैं। सिंचाई विभाग ने करीब एक दर्जन नए पुल भी बनाए हैं लेकिन पुराने पुल हादसों का कारण भी बन रहे हैं। कई भागों में पुल की साइड वॉल टूटी हुई हैं तो कही पुल का लेंटर जवाब दे चुका है। जो यातायात की दृष्टि से सुरक्षित नहीं माने जा रहे हैं। जिला में मेन लोहारू नहर, लोहारू कैनाल के अलावा बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी, कितलाना डिस्ट्रीब्यूटरी, मैहड़ा डिस्ट्रीब्यूटरी, बौंद कलां डिस्ट्रीब्यूटरी सहित करीब 68 नहरें हैं। प्रत्येक नहर पर पुल की जरूरत होती है ताकि आवागमन में परेशानी न होने पाए। किसानों को भी खेतों में आने-जाने के लिए पुल की जरूरत होती है। माइनरों पर छोटी पुलिया बनाई जाती हैं।
पिछले दिनों भिवानी रोड पर नहर का नया पुल बनाया गया था। अब सिंचाई विभाग मेन लोहारू नहर पर बड़ा पुल बनाने जा रहा है ताकि यातायात सुगम हो सके। विभाग आरडी-86 पर गांव रावलधी में पहले से बने पुल के पीछे इसे बनाया जाना है। इस पुल के निर्माण के लिए 1.25 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। रावलधी पुल मेन रोहतक रोड पर बना हुआ है यहां से प्रतिदिन करीब 10 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं।
नहरों में पानी चलने के कारण पहले प्रभावित हुआ काम
इस नए पुल का निर्माण कार्य विभाग ने शुरू करवा दिया है। बारिश की वजह से नहरों में लगातार पानी चलने की वजह से पुल निर्माण के काम में बाधा जरूर आ रही है। मानसून सीजन खत्म होने के बाद इस प्रोजेक्ट का काम नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके लिए विभाग समय-समय पर पुलों की सर्वे करवाता आ रहा है ताकि कंडम पुल का नए सिरे से निर्माण करवाया जा सके।
धार्मिक स्थल पर आने-जाने में श्रद्धालुओं को होगी सुविधा
लोहारू नहर पर पुल का निर्माण होने से गांव रावलधी व कमोद के बीच धार्मिक स्थल में आने जाने के लिए श्रद्धालुओं को भी सुगमता होगी। गांव खातीवास, कमोद व रावलधी के ग्रामीणों का रास्ता छोटा हो जाएगा। रावलधी व कमोद के बीच मंदिर है। इस मंदिर में श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है। पुल का निर्माण होने के बाद मंदिर तक सड़क का भी जुड़ाव हो जाएगा इससेे लोगों को और भी सुविधा होगी।
पुल का काम शुरू हो चुका है। पुल का निर्माण होने से किसानों को भी आवागमन में सुविधा हो सकेगी। वर्क ऑर्डर हो चुके हैं। रावलधी के समीप पुराने पुल के पीछे इसका निर्माण होना है। विभाग नहरों के जर्जर पुलों की सुध ले रहा है। जो भी कंडम होता है। नया पुल बना दिया जाता है।
-वेदपाल सिंह, एक्सईएन, मेकेनिकल शाखा, सिंचाई विभाग