हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन। मृतकों के फाइल फोटो।
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हरियाणा के भिवानी जिले के बहल क्षेत्र में बहल-तोशाम मार्ग पर बुधवार रात कासनी कलां और खुर्द गांव के बीच नीलगाय को बचाने के प्रयास में एक स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। घटना में कार सवार सुरपुरा कलां गांव के दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे साथी को मामूली चोटें आईं। सूचना मिलने पर बहल पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों का लोहारू अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया।
सुरपुरा कलां के दो दोस्त संदीप (30) व दिनेश (23) अपने एक अन्य साथी कासनी खुर्द निवासी मुनेश के साथ स्विफ्ट कार से बहल से ईशरवाल की तरफ जा रहे थे। रात करीब एक बजे जब वे कासनी कलां व कासनी खुर्द के बीच पहुंचे तो उनकी गाड़ी के सामने एक नीलगाय आ गई। उसे बचाने के चक्कर में उनकी गाड़ी अनियंत्रित हो गई व पेड़ में जा लगी।
कार की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी का आगे का हिस्सा बुरी तरह से पिचक गया। घटना में सुरपुरा कलां निवासी दोनों दोस्त संदीप और दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। उनके तीसरे साथी मुनेश को मामूली चोटें आईं। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना मृतक युवकों के परिजनों व पुलिस को दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और युवकों के शवों का लोहारू में पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने मृतकों के परिजनों की शिकायत पर इत्तफाकिया मौत का मामला दर्ज किया है। संदीप और दिनेश खेतीबाड़ी करते थे और आपस में गहरे दोस्त थे। युवकों की मौत पर सुरपुरा कलां गांव में शोक की लहर दौड़ गई और गांव के लोग दोनों युवकों के परिजनों को ढाढ़स बंधाने के लिए उनके घर पर एकत्रित रहे। गुरुवार को गमगीन माहौल में दोनों युवाओं का अंतिम संस्कार किया गया।
माता-पिता के गुजरने के बाद परिवार का अकेला खेवनहार था दिनेश
सड़क दुर्घटना में सुरपुरा कलां गांव के युवक दिनेश की मौत के बाद उसका परिवार बिखर गया है। दिनेश के पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है, जबकि करीब पांच साल पहले उसकी माता का निधन हो गया था। उसके बाद दिनेश ही परिवार का एक सहारा था। संदीप के अलावा परिवार में उसका छोटा भाई मुनेश है। दिनेश बारहवीं कक्षा तक शिक्षित था और खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन कर रहा था। दिनेश अभी अविवाहित था।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इसके अलावा दिनेश के साथी संदीप की मौत के बाद उसके परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट चुका है। संदीप के पिता राजेंद्र बीएसएफ से सेवानिवृत्त हैं व वॉलीबाल के कोच हैं। संदीप विवाहित था। उसके करीब तीन साल की लड़की व करीब छह माह का लड़का है। संदीप का छोटा भाई रवि खेलों से जुड़ा है। दोनों युवाओं की मौत के बाद गांव में मातम छा गया और गांव के लोग दिनभर दोनों युवाओं की दर्दनाक मौत को लेकर गमगीन रहे।