अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट पोक्सो ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दो आरोपियों को 27 साल की कैद की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपियों को तीन अगस्त को मामले में दोषी करार दिया था। न्यायालय ने आरोपियों पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि न देने पर अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया है।
पुलिस प्रवक्ता अभिषेक यादव ने बताया कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सोनिका की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान आरोपी बंटी व विकास को इस मामले में दोषी करार देते हुए 27 साल की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोनों को धारा 366 के तहत सात साल की सजा व पोक्सो एक्ट के तहत 20 साल की सजा सुनाई है।
न्यायालय में पेश किए चालान के अनुसार लोहारू पुलिस ने वर्ष 2019 में नाबालिग से दुष्कर्म मामले का केस दर्ज किया था। लोहारू पुलिस ने पीड़ित लड़की के मजिस्ट्रेट बयान दर्ज कराए थे। जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्यों का आंकलन कर इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। तीन साल तक फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चला। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को 27 साल की कैद की सजा सुनाई है वहीं उन पर 35 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि न भरने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया है।
वहीं दूसरी ओर एसपी अजीत सिंह ने पुलिस थाना, चौकी इंचार्जों के साथ जांच अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे महिला विरुद्ध अपराध व पोक्सो एक्ट के मामलों में तुरंत कार्रवाई करें। महत्वपूर्ण साक्ष्यों व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई कर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर पीड़ित को न्याय दिलाने का काम करें।