भिवानी। जिले में बिगड़ी वातावरण की सेहत सुधरने का नाम नहीं ले रही है। लगातार बढ़ता प्रदूषण लोगों का स्वास्थ्य बिगाड़ रहा है। वीरवार को जिले का एक्यूआई 380 दर्ज किया गया। यह बहुत खराब श्रेणी में आता है।
बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के कारण लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी सांस से संबंधित मरीजों को करनी पड़ रही है। त्वचा की एलर्जी से पीड़ित मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। हर रोज शहर के अस्पतालों में करीब 110 से ज्यादा मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
दिवाली पर बढ़ा प्रदूषण लगातार बरकरार है। प्रशासन की तरफ से प्रतिबंध होने के बावजूद लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। दिवाली से पहले ही लोगों ने पटाखे चलाने शुरू कर दिए थे और दिवाली के बाद भी दो-तीन दिन तक यह सिलसिला जारी रहा। इसका असर वातावरण पर पड़ा और प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। जिले में जिन लोगों को सांस संबंधी बीमारी हैं, उनको बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा शाम के समय रहता है। वीरवार को अपराह्न तीन बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 376 दर्ज किया गया था, जो शाम चार बजे 380 पहुंच गया।
नहीं निकली तेज धूप
प्रदूषण का स्तर इतना ज्यादा है कि वीरवार को पूरा दिन लोगों को ढंग से सूर्य देवता के दर्शन नहीं हो पाए। कभी हल्की धूप निकल आती तो कभी फिर से धुंए भरी धुंध सूर्य को घेर लेती। हालांकि अलसुबह के समय प्रदूषण से कुछ राहत रहती है, मगर सूर्योदय के बाद जैसे-जैसे दिन ढलता है, प्रदूषण का स्तर बढ़ता चला जाता है।
सांस लेने में परेशानी, खांसी के मरीज बढ़े
प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है, वहीं खांसी के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। शहर के नागरिक अस्पताल में हर रोज 25 से 30 मरीज सांस संबंधी बीमारी को लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं जिलेभर में 110 से ज्यादा मरीज हर रोज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
संस्थान की छत पर जलाया कूड़ा
शहर के सरकुलर रोड स्थित सिटी मॉल के सामने स्थित एक संस्थान की छत पर वीरवार शाम साढ़े चार बजे कूड़ा जलाया गया। इस कूड़े से इतना ज्यादा धुआं निकल रहा था, जिसके कारण आसपास के लोग भी देखने के लिए पहुंच रहे थे। सभी को लग रहा था कि कहीं पर आग लग गई है।
धूल वाली जगह जाने से परहेज करें
लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण की वजह से ओपीडी में भी मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इस समय सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, त्वचा रोग के अधिक मामले सामने आ रहे हैं। वायु प्रदूषण फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे रोगियों का परिजन विशेष ध्यान रखें। अधिक धूल वाली जगह पर जाने से परहेज करें। साथ ही घर को स्वच्छ रखें, ताकि रोग न फैलें।
- डॉ. यतिन गुप्ता, सीनियर फिजिशियन, नागरिक अस्पताल, भिवानी।
भिवानी शहर का 10 दिन का वायु गुणवत्ता सूचकांक
दिनांक एक्यूआई
02 नवंबर 237
03 नवंबर 267
04 नवंबर 383
05 नवंबर 438
06 नवंबर 383
07 नवंबर 391
08 नवंबर 356
09 नवंबर 337
10 नवंबर 342
11 नवंबर 380