भिवानी। घर में शादी का मंडप सजा था। नाबालिग लड़की की जयमाला हो चुकी थी, बस फेरे लेने की देर थी। ऐन वक्त पर फिल्मी अंदाज में जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गई और शादी बीच में ही रुकवा दी गई।
जानकारी के अनुसार जब तक शादी रुकवाई गई तब तक दुल्हन और दुल्हा ने अंगूठी पहनाने के साथ जयमाला की रस्म भी पूरी कर चुके थे, बस फेरे बाकी थे। महिला एवं बाल सुरक्षा अधिकारी ने लड़की के परिजनों को तलब किया। वहीं बालिग होने तक लड़की की शादी नहीं कराने की चेतावनी के बाद जांच शुरू कर दी।
जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी हरबंश कौर को सूचना मिली थी कि दिनोद रोड की एक गली निवासी व्यक्ति द्वारा अपनी 16 साल की नाबालिग बेटी की शादी कराई जा रही है। इस सूचना पर हरबंश कौर की टीम सिटी पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। घर के अंदर शादी का माहौल था, इसलिए हर कोई बरात पहुंचने के बाद तैयारियों में जुटा था। हरबंश कौर ने शादी होने वाली लड़की की उम्र का प्रमाण मांगा। उसके दस्तावेज जांचने के बाद पता चला कि उसकी उम्र अभी महज 16 साल ही हुई है। इसी तरह बवानीखेड़ा क्षेत्र के एक गांव से बरात लेकर पहुंचे दूल्हे की उम्र का प्रमाण जांचा तो वह भी 20 साल का निकला। जिसकी शादी भी नहीं हो सकती थी। पता चला कि दुल्हन और दूल्हा की अंगूठी पहनाने व मांग भरने के साथ जयमाला की भी रस्म पूरी हो चुकी थी, लेकिन शादी के बंधन में बंधने के लिए सात फेरे नहीं हुए थे। दूल्हा और दुल्हन की कानून विवाह की उम्र न होने पर शादी रुकवा दी गई। लड़की व लड़के के परिजनों को भी जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी ने वीरवार सुबह अपने कार्यालय में तलब किया। बरात को बिना दुल्हन के लौटना पड़ा।
जांच की जा रही है
हमें सूचना मिली थी कि दिनोद रोड की एक गली में नाबालिग लड़की की शादी कराई जा रही है। इस सूचना पर मेरी टीम मौके पर पहुंची और वहां लड़की की उम्र 16 साल व दूल्हे की उम्र 20 साल पाई गई। यह शादी रुकवा दी गई है और दोनों ही परिवारों के अभिभावकों को कार्यालय में तलब किया है। मामले की जांच चल रही है, जिसके बाद इस संबंध में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-हरबंश कौर, जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी भिवानी।