भिवानी। राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी में रोडवेज बसें लगाने की वजह से अन्य यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने घंटों तक बस का इंतजार किया। वहीं बस समय पर न मिलने पर प्राइवेट वाहनों में बैठकर सफर तय किया।
रोडवेज डिपो में फिलहाल 147 बस हैं, जिनमें से 70 बसें पशु प्रदर्शनी में लगा दी हैं। बाकी बची 77 बसों पर जिले के विभिन्न 91 रूट का भार आ गया। ऐसे में यात्रियों का परेशान होना स्वाभाविक है। वहीं रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि जो बस सामान्य दिनों में 200 किलोमीटर चलती थी, उसे 300 किलोमीटर का सफर तय किया है, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।
रोडवेज के बेड़े में लगातार कम हो रही बसों की वजह से ग्रामीण क्षेत्र में पहले ही स्कूल, कॉलेज विद्यार्थियों और यात्रियों को परेशानी हो रही है। अब पशु मेले की वजह से बसों की संख्या कम होने से यात्रियों के लिए सफर करना मुश्किल भरा हो जाएगा।
ये बोले बस यात्री
सुबह से एक भी बस नहीं आई है। घर जाने में देरी हो रही है। भिवानी से रोहतक वाली बस में किसी कार्य से सांपला जाना था। मेले की वजह से बस नहीं आने की बताई जा रही है।
- सुलतान, यात्री।
मुझे सुसाना गढ़ी जाना है। दो घंटे से सामान के साथ बस स्टेशन पर बैठे हैं। यहां न कोई रोडवेज बस मिली और न ही कोई प्राइवेट बस। रूट पर बस न होने की वजह से यात्री परेशान हैं। मगर सुध लेने के लिए कोई अधिकारी नहीं हैं।
- राजेश, यात्री।
सुबह आठ बजे से सामान के साथ बस के इंतजार में बैठे हैं। अब तक कोई बस नहीं आई है। ऐसे में रोडवेज बस न होने से घर पहुंचने में परेशानी हो रही है। काफी बस मेले में लगा दी हैं। ऐसे में आम यात्री काफी परेशान हैं।
- सरोज, यात्री।
बहल वाली बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन दो घंटे से कोई बस नहीं आई है। बस नहीं आने के कारण बच्चे भी परेशान हैं। बार-बार रोडवेज कर्मियों से बस आने के बारे में पूछ रहे है मगर अब तक बस नहीं मिली है।
- मीना, यात्री।
सरकार के निर्देश पर भेजीं 70 बसें
सरकार के निर्देशानुसार 70 बसें पशु प्रदर्शनी के लिए भेजी गई हैं। इनके अलावा 77 बस अन्य रूटों पर सुचारु रूप से चलाई गई हैं। बसों की संख्या कम होने की वजह से जो बसें हैं, उनको अधिक किलोमीटर तक चलाया गया है, ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो।
- इंद्र कुमार वर्मा, सहायक स्टैंड इंचार्ज, भिवानी बस स्टैंड।