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फरियाद और विरोध दोनों के लिए जुटा प्रशासन की चौखट पर मजमा, ये भीड़ बढ़ा रही संक्रमण का खतरा

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सोलर प्लेट के लिए सेहत की चिंता भूले लोग....। मंगलवार को महम गेट स्थित आईडीबाई बैंक के बाहर लगी लोगो - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। ओमिक्रॉन संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। वहीं लोग भी लापरवाही बरत रहे हैं। सरकारी दफ्तर, सार्वजनिक स्थल, बैंकों में जुटी भीड़ में सभी नियम धराशायी हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन नियमों की दुहाई देता नहीं थक रहा है। रात के समय नाइट कर्फ्यू तक लग चुका है, लेकिन दिन के समय शहर के सार्वजनिक स्थल और सरकारी कार्यालय भीड़ में तबदील हो रहे हैं।
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कोरोना के बुरे अनुभवों के बावजूद ओमिक्रॉन वायरस संक्रमण की तीसरी लहर का भी कोई डर नहीं है। उन्हें पुलिस का भी कोई खौफ नहीं है। प्रशासन के आदेश भी हवाई हो गए हैं।
लघु सचिवालय के बाहर अपनी फरियाद लेकर ग्रामीण क्षेत्र से सैकड़ों लोग पहुंच रहे हैं, मगर इन लोगों के मुंह से मास्क गायब हैं तो सामुदायिक दूरी का भी कोई लिहाज नहीं। एक कदम और आगे चलते तो सरकारी नुमाइंदे भी कुछ कम नहीं। इन लोगों के पास पहुंचे कर्मचारी भी कोरोना से सुरक्षा के नियमों को खुद भूल बैठे हैं। ये लोग अपनी फरियाद प्रशासन तक पहुंचाने के लिए यहां तक जुटे हैं, मगर ये जाने अनजाने में कोरोना संक्रमण के खतरे से भी अनजान हैं। शहर के बाजारों व सार्वजनिक स्थलों पर दोनों डोज लगवाने वालों को ही जाने अनुमति है, लेकिन बाजार में न तो इन नियमों की कोई परवाह कर रहा है। न ही उन्हें समझाने के लिए यहां कोई रोकटोक कर रहा है। हालांकि पुलिस बिना मास्क के चालान कर महज खानापूर्ति करने में जुटी है, जबकि सामुदायिक दूरी का भी यहां कोई पैमाना तय नहीं है।
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सोलर पंप की सब्सिडी, आवेदकों की जुटी भीड़
महम रोड के आईडीबीआई बैंक के बाहर मंगलवार को सोलर पंप सब्सिडी के लिए आवेदकों की काफी भीड़ जुटी। बैंक के बाहर लोगों की कई लंबी कतारें लगी थीं, लेकिन किसी के मुंह पर मास्क तक नहीं था। लोग एक दूसरे से सटे खड़े थे। इन्हें न तो कोरोना संक्रमण का कोई डर था न ही किसी चालान की कोई फिक्र। सब बैंक में अपने आवेदन जमा कराने की होड़ में जुटे थे, जिसकी वजह से माहौल धक्कामुक्की का भी बना। बैंक भी अंदर से लोगों की खचाखच भीड़ से भरा था। ये भीड़ प्रशासन के आदेशों को भी मुंह चिढ़ा रही है।
स्कूलों के अंदर भी नहीं सुरक्षा के कोई मापदंड
कोरोना के नए वैरिएंट के संक्रमण का खतरा लगातार गहराता जा रहा है। सबसे अधिक जोखिम बच्चों पर है। इसके बावजूद स्कूलों के अंदर इससे सुरक्षा के कोई भी मापदंड पूरे नहीं हैं। ये लापरवाही बच्चों की जिंदगी पर भी भारी पड़ सकती है। स्कूलों के अंदर कक्षा कक्ष में बच्चों की संख्या भी सीमित है और उन्हें एक दिन छोड़ एक दिन स्कूल बुलाने के नियम हैं, लेकिन अधिकतर स्कूल पूरी क्षमता के साथ सभी बच्चों को एक साथ बैठाकर लग रहे हैं। बच्चे भी मुंह पर मास्क का पाठ और सामुदायिक दूरी का सबक भूल बैठे हैं।
भारी पड़ सकती है लापरवाही
कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग पुख्ता प्रबंध करने में जुटा है। इसी के साथ वैक्सीनेशन में भी तेजी लाई गई है। स्कूली व कॉलेज विद्यार्थियों का भी टीकाकरण होगा। स्वास्थ्य विभाग हेल्थ एडवाजरी भी जारी कर समय-समय पर हालातों से अवगत करा रहा है। सावधानी में अगर हम चूक करते हैं तो ये लोगों की सेहत के लिए काफी नुकसानदायक और संक्रमण को बढ़ाने में सहायक हो सकती है। इसलिए सरकार द्वारा जारी की गई कोविड नियमों की पालना जरूर सुनिश्चित करें।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।
घर से निकलते वक्त मास्क जरूर लगाएं
पुलिस प्रशासन काफी पहले से ही संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर जागरूकता अभियान चला रहा है। नाइट कर्फ्यू के दौरान पुलिस ने नाके लगा दिए हैं, जिन पर आने जाने वालों की भी जांच हो रही है, वहीं दिन के समय शहर के मुख्य चौराहों व मुख्य जगहों पर पुलिस टीम बिना मास्क मिलने वालों के चालान काट रही है। उन्हें पुलिस की तरफ से मास्क भी मुहैया कराए जा रहे हैं। हमारा अनुरोध है कि लोग संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर लगाएं और सामुदायिक दूरी का पालन करें।
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- अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक, भिवानी।
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