भिवानी। पूरे शहर को गंदे पानी की आपूर्ति से निजात दिलाने और अधिकृत कॉलोनियों में नई सीवर व पानी की लाइन डाली जाएगी। इसके लिए प्राइवेट एजेंसी की तरफ नहीं ताकना पड़ेगा, क्योंकि अब शहर में खुद जनस्वास्थ्य विभाग के तकनीकी अधिकारी कार्यों की जिम्मेदारी खुद संभालेंगे।
लगभग आधे शहर में अमरूत योजना के तहत 79 करोड़ के बजट से बरसाती पानी की निकासी के अलावा नई सीवर व पानी की लाइन डालने का काम लगभग पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण में अब खुद पब्लिक हेल्थ विभाग बाकी शहर की कॉलोनियों में नई सीवर व पेयजल लाइन डालने का काम कराएगा। इतना ही नहीं जिन कॉलोनियों में गंदे पानी की दिक्कत आ रही है, उसमें अब पब्लिक हेल्थ अधिकारी पेयजल लाइन बदलने का खाका तैयार करने में जुटे हैं।
भिवानी शहर में बारिश के पानी की निकासी की परियोजना के अलावा कई कॉलोनियों में नई सीवर लाइन व पेयजल की पाइप लाइन डालने के लिए 2018 में अमरूत योजना के तहत कार्य शुरू हुआ था। इस परियोजना पर सरकार ने नगर परिषद भिवानी के माध्यम से करीब 79 करोड़ रुपये का बजट भी खर्च किया। कई कॉलोनियों में नई सीवर लाइन व पेयजल लाइन तो डल गई, मगर इन लाइनों के लेवल पर अभी भी संशय बना है। इन नई लाइनों में पानी टेल तक पहुंचेगा, शायद इसकी कोई गारंटी नहीं है, क्योंकि इन्हें डालने में पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों की कोई भूमिका नहीं थी, जबकि कंपनी के तकनीकी कर्मचारियों की निगरानी में ये कार्य कराया गया। इस कार्य पर खुद पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों ने भी आपत्ति जताई थी।
अब भी आधा शहर झेल रहा गंदे पानी का दंश
करीब आधे से अधिक पुराना शहर अब भी गंदे पानी का दंश झेल रहा है। यहां टुकड़ों में भले ही पब्लिक हेल्थ विभाग ने कई हिस्सों में नई पेयजल लाइन डाल दी है। इसके बावजूद कई कॉलोनियों में सीवर का गंदा पानी पेयजल आपूर्ति में घरों तक पहुंच रहा है। हालांकि अब खुद पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी ऐसे क्षेत्रों का सर्वेक्षण करा रहे हैं, जिनमें जर्जरहाल पेयजल लाइन है और जहां गंदा पानी सप्लाई में आ रहा है। इन हिस्सों की नए सिरे से सर्वेक्षण करा रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसके बाद इन पर नई लाइनों का एस्टीमेट तैयार कराया जाएगा।
शहर के इन हिस्सों में नहीं बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था
शहर के अब भी काफी हिस्से में बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसमें दादरी गेट, अग्रसेन चौक, हांसी गेट चौक, घंटाघर क्षेत्र, सराय चौपटा, जैन चौक क्षेत्र शामिल हैं। यहां सीवर लाइन तो है, मगर पानी की निकासी के लिए केवल खुले नाले हैं, जो गंदगी से अटे पड़े हैं। हल्की बारिश में ही जलभराव हो जाता है।
जनस्वास्थ्य विभाग ने मांगी सभी वार्डों से पानी और सीवर लाइन की मांग
शहर के सभी 31 वार्डों से पब्लिक हेल्थ विभाग ने सीवरेज और पेयजल आपूर्ति में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए पेयजल और सीवरलाइन की डिमांड मांगी है। अगर किसी हिस्से में कोई पुरानी सीवर व पेयजल लाइन भी ठप है तो उसके संबंध में भी पब्लिक हेल्थ ने संज्ञान लिया है। इन हिस्सों में तकनीकी अधिकारियों की टीम से निरीक्षण कराकर नई लाइनें डालने का खाका तैयार किया जा रहा है।
जल्द एस्टीमेट बनाएंगे
प्रथम चरण में सरकार ने शहर के अंदर नई सीवर और पेयजल लाइन डालने का काम अमरूत से कराया था। द्वितीय चरण में ये काम खुद पब्लिक हेल्थ विभाग कराएगा। पब्लिक हेल्थ के पास तकनीकी टीम है, जो जरूरत और लोगों की सुविधा के लिहाज से सर्वे कर एस्टीमेट तैयार कर नियम व मापदंड के हिसाब से काम कराएगा। इसके लिए शहर में सर्वे चल रहा है। जल्द ही एस्टीमेट भी बनाकर भेजे जाएंगे।
-सुनील कुमार रंगा, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य विभाग भिवानी।