भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) ने ऑफलाइन करवाने का निर्णय लिया है। इसके विरोध में बुधवार को छात्रों ने सीबीएलयू के गेट पर ताला जड़ दिया। छात्रों की अध्यक्षता धर्म सेना के आईटी सेल के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप काटिया ने की। छात्रों का कहना था कि कोरोना संक्रमण की आशंकित तीसरी लहर के चलते लापरवाही नहीं होनी चाहिए। वहीं, कोरोना का खतरा बता ऑनलाइन परीक्षा की मांग करने वाले छात्रों में ज्यादातर के चेहरे पर मास्क नहीं था। वहीं सामाजिक दूरी के नियम का भी पालन नहीं किया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता प्रदीप काटिया और प्रवीण गोलागढ़ ने कहा कि ऑफलाइन परीक्षाओं के कारण विद्यार्थी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। यह बहुत ही खतरनाक है। इसलिए सभी परीक्षाएं ऑनलाइन करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं ऑनलाइन हुई हैं। दूसरे व अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की भी परीक्षाएं ऑनलाइन तरीके से करवाई जानी चाहिए। सरकार और स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं। अगर कोई विद्यार्थी इस दौरान संक्रमित हो जाता है तो पूरे परिवार का जीवन ही खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके साथ मिलकर अनिश्चितकालीन आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। जिसकी जिम्मेदारी सीबीएलयू प्रशासन की होगी। सीबीएलयू के कुलपति प्रो. आरके मित्तल ने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा। इस अवसर पर अंकित, नितेश बडेसरा, प्रदीप दहिया, मोनू, विशाल, प्रवीण, विनोद, अजय, पुशु, राहुल, अंकित, नकुल, लक्की, आर्यन, रविंद्र, सचिन, नोनू, निक्कू, जतिन, आर्यन, रीतिक, हैप्पी, मोहित, विकास, सुमित, दीपांशु, मैक्स समेत अनेक विद्यार्थी उपस्थित थे।
ये हमारी गलती थी, आगे से ध्यान रखेंगे
कोरोना नियमों का पालन नहीं करने के बारे में प्रदीप काटिया से बात की गई तो उन्होंने माना कि प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने मास्क नहीं लगा रखा रखा था। सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यह उनकी गलती है। मास्क लगाया जाना चाहिए था। भविष्य में अगर इस तरह का आयोजन होता है तो उस दौरान नियमों का पूरा पालन किया जाएगा।