भिवानी। प्राइवेट स्कूल संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को निलंबित करने और शिक्षा बोर्ड चेयरमैन डा. जगबीर सिंह को तुरंत बर्खास्त करने की मांग मुख्यमंत्री से की है।
कुंडू ने चेयरमैन पर अपने पद का दुरुपयोग कर करोड़ों की राशि के गबन का आरोप लगाया है। सत्यवान कुंडू वीरवार को यहां पत्रकारों के साथ बात कर रहे थे। प्राइवेट स्कूल संघ हरियाणा के प्रधान सत्यवान कुंडू ने मुख्यमंत्री से बोर्ड के संविधान के नियम 16 (1) के तहत शिक्षा बोर्ड को निलंबित कर चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह के कार्यकाल की तमाम नियुक्तियों, पदोन्नतियों और ऑनलाइन कार्य के टेंडर की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
कुंडू ने कहा कि शिक्षा बोर्ड के नियम 16 की धारा एक में स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि बोर्ड के नियमों का उल्लंघन किए जाने और बोर्ड के अधिकारियों द्वारा प्रदत्त शक्तियों का दुरुपयोग किए जाने की बात सामने आने पर शिक्षा बोर्ड को निलंबित कर दिया जाएगा। इस सूरत में बोर्ड के संचालन की सारी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार के हाथों में होगी। सरकार एक साल की अवधि में बोर्ड का पुनर्गठन करेगी व इस अवधि में सरकार बोर्ड के संचालन के लिए प्रशासक की नियुक्ति करेगी। कुंडू ने आरोप लगाया कि चेयरमैन वर्षों से खाली पदों पर अपने नजदीकियों को पदोन्नति दे रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण शिक्षा बोर्ड के वर्तमान सचिव का हाल ही में अनुमोदित पदों से ज्यादा कर्मचारियों की भर्ती को लेकर बोर्ड चेयरमैन से विवाद हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा बोर्ड का सारा काम ऑनलाइन होने के बावजूद कर्मचारियों की संख्या घटने की बजाए बढ़ती जा रही है।
सत्यवान कुंडू ने कहा कि वर्ष 1992-93 में हरियाणा शिक्षा बोर्ड में एक ज्वाइंट सेक्रेटरी, तीन डिप्टी सेक्रेटरी, 12 असिस्टेंट सेक्रेटरी, 60 सुपरिटेंडेंट व 234 असिस्टेंट के पदों पर कर्मचारी तैनात थे। उस समय बोर्ड की ओर से आठवीं कक्षा की परीक्षा ली जाती थी व प्रदेश के कई जिलों में बोर्ड के बुक डिपो थे, उनमें भी कर्मचारी काम करते थे। उस समय सारा काम मैन्युअल होता था, लेकिन अब 2021-22 में दो ज्वाइंट सेक्रेटरी, 6 डिप्टी सेक्रेटरी, 25 असिस्टेंट, 120 सुपरिटेंडेट व 348 असिस्टेंट के पद स्वीकृत हैं। जितने भी पद अभी बढ़ाकर अनुमोदित पदों में शामिल किए गए हैं, वे सब नियमित रूप से समाप्त हो चुके हैं। जिन पदोन्नति व नियुक्तियों का खेल सरकार को अंधेरे में रख कर खेला जा रहा है। वह बोर्ड के नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के रिहायशी मकानों के आवंटन के रूप में बोर्ड के चेयरमैन द्वारा की गई बंदरबांट जगजाहिर है व शिक्षा बोर्ड के सचिव के लिए आवंटित कोठी, चेयरमैन ने अपने पीए के लिए आवंटित करवा दी। चेयरमैन द्वारा आउटसोर्सिंग पर रखे गए अपने एक ड्राइवर को भी रहने के लिए एक कोठी आवंटित कर रही है। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन जितना भी काम जिन फर्मों को दिया जाता है, उन फर्मों को प्रत्येक साल किसी नए टेंडर्स के मांगे बिना ही फर्मों के साथ किए गए अनुबंध को बढ़ा दिया जाता है, जिससे आमतौर पर बहुत अधिक कमीशन की गुंजाइश से इनकार नहीं किया जा सकता। बोर्ड सचिव को भी मांग पत्र सौंपा। इस अवसर पर प्राइवेट स्कूल संघ हरियाणा के संरक्षक तेलूराम, राज्य वरिष्ठ उपप्रधान घनश्याम शर्मा, जिला प्रधान सतीश तंवर, आनंद लखेरा, नरेश गोरा, जिला उपप्रधान दयानंद बाजल, बवानीखेड़ा प्रधान बजरंग चौहान, उमेश भारद्वाज, अनिल शर्मा सातरोड़, राजकुमार पाली, बलराज मुवाल व मीडिया प्रभारी बसंत शर्मा उपस्थित रहे।