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पैरालंपिक: पांच दिन बाद अरुणा भरेगी टोक्यो के लिए उड़ान, बोलीं - देश के लिए गोल्ड लाना मेरा सपना

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पैरालंपिक खिलाड़ी अरूणा तंवर अभ्यास करते हुए। - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। टोक्यो पैरालंपिक गेम्स में ताइक्वांडो खिलाड़ी अरुणा तंवर देश का प्रतिनिधित्व कर करेंगी। अरुणा तंवर 27 अगस्त को दिल्ली से टोक्यो के लिए उड़ान भरेंगी। अरुणा तंवर ने पैरालंपिक खेल में स्वर्ण पदक जीतने के लिए अपने मनपसंद खाने से लेकर सोशल मीडिया भी छोड़ दी है। वे फिलहाल एमडीयू के कैंपस में नेशनल कोच स्वराज सिंह और अशोक कुमार के साथ अभ्यास में जुटी हुई हैं। अरुणा अब टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को वीडियो यू-ट्यूब पर देख रही हैं, ताकि उनकी कमी और खूबी का पता चल सके।
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अरुणा ने बताया कि स्नातक की पढ़ाई के बाद वह खेल के लिए एमडीयू रोहतक आ गई। साथ ही वह चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से बीपीएड अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। उसका दो सितंबर को टोक्यो में पहला मुकाबला होगा। इसके लिए वह 27 अगस्त को शाम छह बजे दिल्ली एयरपोर्ट से टोक्यो के लिए उड़ान भरेंगी। महज 10 दिन रह जाने के कारण उन्होंने अभ्यास का समय भी ज्यादा कर दिया है। स्टेमिना बढ़ाने के लिए रोजाना छह घंटे अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश के लिए स्वर्ण पदक लेकर आना ही मेरा सपना, इसके लिए मैं हर संभव कोशिश करूंगी। (संवाद)
स्टेमिना और एकाग्रता पर दिया जा रहा विशेष ध्यान
नेशनल कोच स्वराज सिंह ने बताया कि 47 साल बाद पैरा ताइक्वांडो में भारत प्रतिनिधित्व कर रहा है। अरुणा तंवर की एकाग्रता और खेल के प्रति जुनून उसे स्वर्ण पदक जिताने में अहम भूमिका अदा करेगा। अरुणा का फिलहाल छह घंटे का अभ्यास करवाया जा रहा है। इसमें मुख्य तौर पर स्टेमिना और एकाग्रता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अरुणा ने इन दिनों फास्ट फूड और सोशल मीडिया से भी दूरी बनाई हुई है, ताकि वह खेल में बेहतर प्रदर्शन कर सके।
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महज पांच साल में किया यह मुकाम हासिल
पैरालंपिक के ताइक्वांडो में क्वालिफाई करने वाली अरुणा पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। महज 21 वर्षीय अरुणा अंडर-49 श्रेणी में दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी हैं और इसी के आधार पर उनका पैरालंपिक में चयन हुआ है। अरुणा ने वर्ष 2006 में खेलना शुरू किया था, फिर कोच और अन्य खिलाड़ियों से सुझाव देने के बाद उसने वर्ष 2016 में पैरा ताइक्वांडो में अपना कैरियर शुरू कर दिया। महज पांच साल में वो दुनिया की चौथे नंबर की श्रेष्ठ खिलाड़ी बन गई। उनका खेल के प्रति यही जुनून उन्हें टोक्यो लेकर जा रहा है।
अरुणा की उपलब्धियां
- वर्ष 2017-18 में पांचवें राष्ट्रीय पैरा ओलंपिक ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल।
- वर्ष 2018-19 में छठे राष्ट्रीय पैरा ओलंपिक ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल।
- वर्ष 2018 में वियतनाम में हुई चौथे एशियन पैरा ओलंपिक ताइक्वांडो प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल।
- फरवरी 2019 में टर्की में आयोजित वर्ल्ड पैरा ताइक्वांडो चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल।
- मार्च 2019 में ईरान में हुई प्रेजीडेंट एशियन रीजन जी-टू कप में सिल्वर मेडल।
- वर्ष 2019 में ही जार्डन में हुई अमान एशियन पैरा ताइक्वांडो चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल।
अरुणा में शुरू से ही खेल प्रति के विशेष रुचि थी। कॉलेज के टाइम में भी वे फ्री होते ही अपने अभ्यास में जुट जाती थी। अरुणा पैरा ताइक्वांडो में देश का प्रतिनिधित्व कर रही है। उसने दुनिया भर में भिवानी की विशेष पहचान बना दी है। बॉक्सिंग के बाद अब भिवानी को दूसरे खेल के लिए भी जाना जाएगा। अरुणा का जुनून और शुभचिंतकों का प्रेम उसने स्वर्ण पदक जरूरी दिलाएगा।
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- प्रियंका बड़गुज्जर, प्रधान, आदर्श महिला महाविद्यालय, भिवानी।
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