भिवानी। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि खाद की कोई कमी नहीं है। हकीकत के किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। खाद वितरण केंद्र पर बुधवार को 24 किसानों को सिर्फ 48 कट्टे डीएपी बांटने के बाद कर्मचारियों ने ताला लगा दिया। बाहर लंबी लाइनों में लगे सैकड़ों किसानों को कर्मचारी बोले कि अब खाद खत्म हो गई है, कल फिर आना। यह नजारा बुधवार सुबह अनाज मंडी के खाद वितरण केंद्र पर दिखाई दिया।
खरीद केंद्र के बाहर सूर्य निकलने से पहले ही दूरदराज के क्षेत्र से सैकड़ों किसान खाद लेने के लिए पहुंचे थे। इनमें महिलाएं भी थीं जो अपने चूल्हे-चौके का काम छोड़कर घंटों से खाद लेने की लाइन में खड़ी थींञ। उन्हें भी निराश होकर लौटना पड़ा। हमारे संवाददाता ने जमीनी हकीकत जानी तो सामने आया कि खाद को लेकर किसानों की मारामारी नहीं थमी है। बिजाई की शुरूआत में ही खाद को लेकर हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। लाइनों में लगे कई किसान तो ऐसे थे जो लगातार दो या अधिक दिन दिनों से खाद लेने के लिए आ रहे हैं। इन किसानों को घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल रही।
किसानों को अपने ही खेत में गेहूं का बीज बोना टेढ़ी खीर बन गई है, क्योंकि बिजाई से पहले किसान अच्छा बीज लेने के लिए नहीं बल्कि बीज बोने से पहले खाद लेने की होड़ में जुटे हैं। वहीं जिन किसानों को आठ कट्टा खाद की जरूरत है, उन्हें सिर्फ दो कट्टे दिए जा रहे हैं।
दो लाख में से सिर्फ 15 हजार एकड़ में ही हुई गेहूं की बिजाई
कृषि विभाग ने इस बार गेहूं का दायरा काफी कम आंका है। जिले में करीब दो लाख एकड़ में गेहूं की बिजाई किसानों द्वारा की जानी है, लेकिन अब तक मात्र 12 से 15 हजार एकड़ में ही गेहूं की बिजाई संभव हो पाई है। इसकी वजह भी खाद की किल्लत मानी जा रही है, क्योंकि पर्याप्त खाद नहीं मिलने की वजह से किसान अपने खेत को जोतकर खाली छोड़ रहे हैं, जबकि बिजाई नहीं हो पा रही है। किसान भी हर रोज सुबह अपने खेत में जाने की बजाए खाद वितरण केंद्र की लाइनों में लगने के लिए शहर पहुंच रहे हैं। (संवाद)
ये फूटा जुबां पर किसानों का दर्द
मैं आसलवास दुबिया से चलकर अल सुबह तीन बजे ही यहां पहुंच गया था, करीब पांच घंटे तक लाइन में खड़ा रहा, मेरी बारी आने से पहले ही खाद वितरण का काम बंद हो गया, बाद में पता चला कि यहां आई खाद किसानों में बंट चुकी है, जबकि कुछ किसान ही यहां से खाद लेकर गए थे। ऐसा रहा तो कर ली खेती।
-मनोज शर्मा, किसान।
मैं कल गांव डोहकी से खाद लेने के लिए दस घंटे तक लाइन में लगा रहा, मगर खाद नहीं मिली, आज फिर दोबारा खाद लेने के लिए अल सुबह दो बजे यहां पहुंचा था। उस समय भी काफी किसान यहां पहले से लाइन में खड़े थे। लाइन में लगे 24 किसानों को सिर्फ 48 कट्टे खाद के बांटे गए, इसके बाद केंद्र पर ताला लगा दिया। बाहर सैकड़ों किसानों के पूछे जाने पर सीधे मुंह अधिकारियों ने कोई जवाब तक नहीं दिया। यह किसानों के साथ सरासर नाइंसाफी है।
-कुलदीप डोहकी, किसान।
शिमलीवास गांव से यहां खाद लेने के लिए सुबह सात बजे लाइन में लगा था। थोड़ी देर बाद ही घोषणा हो गई कि खाद खत्म हो गई। मेरे से पहले सैकड़ों किसान लाइन में लगे थे, उन्हें भी खाद नहीं मिली। कुछ किसानों को ही सिर्फ दो-दो कट्टे खाद यहां से ले जाते देखा था। अब कल फिर यहीं लाइन में लगना पड़ेगा। जब तक खाद नहीं मिलती, कोई काम धंधा भी नहीं होगा, क्योंकि खाद के इंतजार में पूरा दिन खराब हो जाता है।
-धर्मबीर किसान।
मेरा पति और मैं लगातार दो दिन से खाद लेने की लाइनों में लग रहे हैं, न मुझे खाद मिली और न मेरा पति खाद ले पाया। हम सूर्य निकलने से पहले घर से निकल कर यहां आते हैं, दो दिन से घर में चूल्हा चौका भी ठीक से नहीं कर पाती, पशुओं को भी पड़ोसियों के हवाले कर आते हैं। खाद नहीं मिली तो पांच एकड़ में गेहूं की बिजाई नहीं हो पाएगी।
-सुमित्रा, सारंगपुर की महिला।
अचानक ज्यादा किसान पहुंच रहे इसलिए दिक्कत
खाद की कोई कमी नहीं है। थोड़ी दिक्कत इसलिए हो रही है, क्योंकि अचानक ही किसान बिजाई के लिए खाद लेने पहुंच रहे हैं। हमारा प्रयास है कि सभी किसानों को खाद मिले, इसके लिए उन्हें थोड़ा इंतजार व सब्र रखना होगा। जिले में लगातार खाद का रैक पहुंच रहा है। दो दिन बाद भी खाद का रैक पहुंच जाएगा।
-डॉ. आत्माराम गोदारा, कृषि उपनिदेशक कृषि विभाग भिवानी।