भिवानी। परिवार नियोजन की बात आते ही महिलाएं अग्रणी रहती हैं, जबकि परिवार का मुखिया पुरुष इस मामले में काफी पीछे चल रहा है। इस साल अब तक 806 महिलाएं परिवार नियोजन को अपना नलबंदी करा चुकी हैं, जबकि केवल 23 पुरुषों ने ही नलबंदी कराई है। जबकि पिछले साल भी 57 पुरुषों ने ही परिवार नियोजन में अपना योगदान देते हुए नलबंदी कराई थी।
ये आंकड़ा बेहद चिंताजनक है। देश, प्रदेश और जिले की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। भिवानी जिले की जनसंख्या 16,34,445 है। ये जनसंख्या 2011 की जनगणना के हिसाब से हैं, जबकि अब तक यह आंकड़ा 18 लाख से पार चला गया है। जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सरकार भी परिवार नियोजन की योजनाएं चला रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में पुरुष और महिलाओं के लिए नलबंदी और नसबंदी पर प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद भी पुरुष इस मामले में अभी भी संकुचित मानसिकता से घिरे हैं। वहीं चिकित्सक भी पुरुषों की नलबंदी में किसी भी तरह की शारीरिक कमजोरी और बुरे प्रभाव को सिरे से नकार रहे हैं।
परिवार नियोजन में महिलाएं पुरुषों से आगे सोच रखती हैं, वे न केवल परिवार को संभालती और पालती हैं, बल्कि उसके नियोजन में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की बात करें तो जनवरी से अब तक इस साल 806 महिलाओं ने नलबंदी कराई है, जबकि केवल 23 पुरुष ही नसबंदी के लिए आगे आए हैं। वहीं पिछले साल 57 पुरुषों की नसबंदी हुई थी। वहीं महिलाएं तीन हजार से अधिक थी। स्वास्थ्य विभाग भी हर साल तीन हजार महिला व पुरुषों की नसबंदी व नलबंदी का लक्ष्य लेकर चलता है। स्वास्थ्य विभाग के इस लक्ष्य को भी महिलाएं ही पूरा करने में अहम किरदार निभाती हैं। संवाद
2024 में जून तक पुरुषों की नसबंदी का ब्योरा
महीना- पुरुषों की संख्या
जनवरी- 04
फरवरी- 03
मार्च - 00
अप्रैल- 03
मई - 07
जून- 06
2023 में पुरुषों की नसबंदी का ब्योरा
जनवरी- 03
फरवरी- 07
मार्च- 05
अप्रैल- 01
मई- 11
जून- 03
जुलाई- 06
अगस्त- 05
सितंबर- 04
अक्तूबर- 01
नवंबर- 02
दिसबंर 02
ये मिल रहा है सरकार की तरफ से प्रोत्साहन
हरियाणा सरकार की तरफ से नसबंदी और नलबंदी पर महिला व पुरुषों को प्रोत्साहन भी मिलता है। डिलीवरी के सात दिन के अंदर नलबंदी कराने वाली महिला को 2,200 रुपये भुगतान किया जाता है। बाद में नलबंदी कराने वाली महिला को 1,400 रुपये दिए जा रहे हैं। जबकि पुरुष को नसबंदी कराने पर दो हजार रुपये का प्रोत्साहन मिलता है।
हरियाणा सरकार की तरफ से जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन को लेकर महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग भी परिवार नियोजन को लेकर पीएचसी, सीएचसी से लेकर जिला नागरिक अस्पताल तक व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चला रहा है। नसबंदी के लिए अब भी अधिकांश महिलाएं ही आगे आती हैं, जबकि पुरुष संकुचित मानसिकता की वजह से इससे दूर रहते हैं। जबकि पुरुषों को नलबंदी कराने में किसी तरह की शारीरिक क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता है। महिला और पुरुष दोनों ही परिवार नियोजन में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।