भिवानी। नहर में डूबकर जान गंवाने वाले अतुल (16) की मौत के पांच माह बाद फारेंसिक रिपोर्ट आई है, जिसमें उसके शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई है। दरअसल अपने चार दोस्तों के साथ जूई नहर पर घूमने गया 12वीं कक्षा का छात्र अतुल पानी में डूब गया था। करीब चार दिन बाद अतुल का शव नहर में पानी बंद कराने के बाद बरामद हुआ था।
उस दौरान पुलिस ने अतुल के दोस्तों से प्रारंभिक पूछताछ में बताया था कि दोस्तों ने नहर किनारे बैठकर शराब पी थी। लेकिन मृतक के पिता सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर सतबीर ने अपने बेटे के शराब पीने की बात पर कड़ा एतराज जताया था। इसी को लेकर शव के पोस्टमार्टम के बाद रोहतक के सुनारिया फोरेंसिक लैब में जांच के लिए सैंपल भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट आ चुकी है। इस रिपोर्ट के अनुसार अतुल में अल्कोहल का कोई अंश नहीं मिला है यानी उसने शराब नहीं पी थी।
भिवानी के शास्त्री नगर कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय अतुल कुमार 12वीं कक्षा की पढ़ाई करता था। उसके पिता सतबीर सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर तैनात हैं। अतुल की मां पूनम और उसकी बड़ी बहन पूजा ही घर पर रहते हैं। मूल रूप से अतुल का परिवार गांव बजीना का रहने वाला है। पिछले करीब चार साल से सतबीर फौजी ने शास्त्री नगर में अपना मकान बनाया था। उसके दोनों बच्चे एक लड़का और लड़की यहां पढ़ाई कर रहे थे। सतबीर की पत्नी पूनम गृहिणी है।
सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर सतबीर ने अपने बेटे की फाेरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की जांच पर भी कई सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि पुलिस ने उसके दोस्तों के साथ ठीक से तहकीकात नहीं की और न ही उसके बेटे के वहां तक आने का पता लगाया। उसका बेटा कभी शराब नहीं पीता था। यह बात वह शुरूआत से ही करता रहा। जिसकी पुष्टि पोस्टमार्टम के पांच माह बाद आई फाेरेंसिक रिपोर्ट में भी हो चुकी है।
अतुल इकलौता बेटा था
सतबीर फौजी की दो संतानों में अतुल इकलौता बेटा था। अब परिवार में उसकी बड़ी बहन पूनम बची है, जो दिल्ली में सीए की पढ़ाई कर रही है। अतुल पढ़ाई में भी होनहार था। वह तैरना नहीं जानता था। अतुल के पिता का आरोप है कि बेटे के डूबने के बाद से ही पुलिस ने कोई सहयोग नहीं किया। ग्रामीणों व क्षेत्र के लोगों की मदद से ही अतुल के शव का पता लगाया गया था, जबकि पुलिस बाद में पहुंची थी।