भिवानी। नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग जल्द ही नए स्वरूप में दिखेगा। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए आपातकालीन विभाग का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर ली है। आपातकालीन विभाग में अतिरिक्त चार बेड की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही आपातकालीन विभाग के अंदर और बाहरी हिस्से में भी विशेष बदलाव किए जाएगा।
आपातकालीन विभाग की माइनर ओटी को हवादार करने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उपचार के दौरान ओटी में वेंटीलेशन बन सके। जाटूलोहारी में हुए सड़क हादसे के दौरान अमर उजाला ने बिगड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था, जिस पर विभाग ने संज्ञान लेते हुए कदम उठाया है। हादसे से सबक लेते हुए नागरिक अस्पताल में आपातकालीन सहित अन्य व्यवस्थाएं सुधारी जाएंगी।
कोरोना संक्रमण और ब्लैक फंगस में भी चिकित्सक इससे ग्रस्त मरीजों को वेंटिलेशन की व्यवस्था का विशेष ध्यान रखने की सलाह दे रहे थे। इसी को ध्यान में रख अब आपातकालीन विभाग में बदलाव किया जाएगा। आपातकालीन विभाग के बाहर मरीजों की ट्रीटेमेंट स्लिप बनवाने वाली विंडो के पास अब स्टील की रेलिंग लगवाई जाएगी। बाकी मरीजों में उचित सामुदायिक दूूरी बनी रहे। साथ ही इस भवन के क्षतिग्रस्त हिस्सों भी रिपेयर करवा जाएगा।
व्यवस्थित रूप से रखे जाएंगे स्ट्रेचर व व्हील चेयर
नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में फिलहाल स्ट्रेचर और व्हील चेयर की व्यवस्था डगमग है। आपातकालीन विभाग में रखे स्ट्रेचर और व्हील चेयर को वार्डों व ओपीडी में ले जाते हैं, इसकी वजह से आपातकालीन विभाग में आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार तो मरीजों को कंधों पर उठाकर लेकर जाना पड़ता है। ऐसे में इस व्यवस्था को सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन विभाग में 10 स्ट्रेचर और 10 व्हील चेयर बाहर अलग से शेड के नीचे रखे जाएंगे। ताकि गंभीर हालत के मरीजों को परेशानी न हो।
मरहम पट्टी कक्ष का बढ़ेगा दायरा
आपातकालीन विभाग में आने वाले मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अलग से मरहम पट्टी कक्ष बनाया हुआ है। आपातकालीन विभाग में आने वाले गंभीर रोगियों का पहले इलाज किया जाता है। पहले हर मरीज को इस कमरे में लेकर जाया जाता है। इसमें रेजिडेंट डॉक्टर चेक करेंगे। अगर मरीज गंभीर है तो उसे रेड एरिया यानी माइनर ओटी में भेजा जाता है। मरीज की हालत अधिक गंभीर नहीं है तो चिकित्सक कक्ष के सामने लगे बेड व चेयर पर थोड़ी देर बाद चेक किया जाता है। आपातकालीन विभाग के मरहम पट्टी कक्ष में फिलहाल चार बेड हैं। अब आठ बेड किए जाएंगे, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।
सिर्फ ज्यादा गंभीर मरीजों को किया जाएगा दाखिल
आपातकालीन विभाग में फिलहाल दो वार्ड बने हुए हैं, इनमें सात बेड महिलाओं और छह बेड पुरुषों को दाखिल करने की व्यवस्था की गई है। इनके अलावा दो बेड का आईसीयू भी बनाया हुआ है। आपातकालीन विभाग में सामान्य तौर पर देखने को मिल रहा है कि इन बेडों पर मरीजों से तीन से चार दिन तक दाखिल कर लिया जाता है। इसकी वजह से गंभीर हालत के मरीजों को जगह नहीं मिल पाती। मजबूरी में एक बेड पर दो से तीन मरीजों को दाखिला होना पड़ता है। अब आपातकालीन विभाग में सिर्फ ज्यादा गंभीर मरीजों को ही दाखिल किया जाएगा। बाकी मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद वार्डों में भेजा जाएगा।
नए रूप में दिखेगा आपातकालीन विभाग
नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग जल्द ही नए रूप में दिखेगा। आपातकालीन विभाग का दायरा बढ़ाया जाएगा और व्यवस्थित किया जाएगा। आपातकालीन विभाग के बाहर ही स्टचर और व्हील चेयर की अलग से व्यवस्था की जाएगी। साथ ही मरहम पट्टी कक्ष का दायरा बढ़ा कर चार की जगह आठ बेड की व्यवस्था करवाई जाएगी। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है।
- डॉ. कृष्ण, कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी।