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करनाल में हुए लाठीचार्ज के विरोध में भिवानी में किसानों ने चार जगह लगाया जाम

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जींद-भिवानी मार्ग पर गांव तालू के ग्रामीणों ने लगाया जाम। - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जिले के किसानों ने शहर से निकलने वाले लगभग सभी मुख्य मार्गों पर जाम लगा दिया। कितलाना टोल प्लाजा, भिवानी-जींद मार्ग पर धनाना में और तोशाम की अनाजमंडी के सामने किसानों ने जाम लगा दिया। जाम के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और गिरफ्तार किए गए किसानों को रिहा करने की मांग की। करनाल में किसानों के रिहा होने की सूचना पर करीब रात आठ बजे जाम खोला गया।
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भिवानी-हांसी मार्ग पर प्रेमनगर गांव में भी किसानों ने एक घंटे के लिए जाम लगाया। गांव नीमड़ीवाली में भी आंशिक रूप से जाम लगाया गया था। जाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस तैनात की गई थी। कई जगह वाहनों को निकालने के लिए पुलिस ने रास्ते बदल दिए। वहीं जिला प्रशासन ने जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नौ ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं।
कितलाना में खाना बनाने और सोने की व्यवस्था की
करनाल में लाठीचार्ज की सूचना मिलते ही दोपहर सवा दो बजे किसानों ने टोल प्लाजा पर जाम लगा दिया। आसपास के क्षेत्र से काफी संख्या में किसान कितलाना पहुंच गए। सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि जब तक गिरफ्तार किए गए किसानों को रिहा नहीं किया जाता है,तब तक किसान जाम नहीं खोलेंगे। उन्होंने बताया कि किसानों ने रात को अपना खाना बनाने और सोने के लिए बिस्तरों की व्यवस्था भी टोल प्लाजा पर ही कर ली है। उन्होंने कहा कि सरकार अब बर्बरता पर उतर आई है जो किसान कभी सहन नहीं करेगा। इस अवसर पर सांगवान खाप से नरसिंह सांगवान डीपीई, फौगाट खाप से राजबीर फौगाट, श्योराण खाप से बिजेंद्र बेरला, किसान सभा से प्रताप सिंह सिंहमार, रामफल देशवाल, गंगाराम श्योराण, ईश्वर पंडित, रतनी डोहकी, राजबाला कितलाना व कृष्णा गोरीपुर ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की।
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टोल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। किसानों ने कहा कि आगे भी मोर्चा के आदेशों का पालन किया जाएगा और सरकार की कायराना हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। धरने का मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। इस अवसर पर मास्टर ताराचंद चरखी, सूरजभान चरखी, सुरेंद्र कुब्जानगर, रणधीर धिकाड़ा, रणधीर कुंगड़, सुबेदार सतबीर सिंह, आजाद सिंह फौजी, जगदीश हुई, परमजीत फतेहगढ़, राजेन्द्र जांगड़ा, जयपाल जांगड़ा, ओम प्रजापति, रामानन्द धानक, राजकरण, निर्मला पाण्डवान, मास्टर सुरेन्द्र गोरीपुर, कप्तान रामफल डोहकी, सत्यवान कालूवाला, शब्बीर हुसैन, समुन्द्र सिंह कितलाना शामिल थे।
तोशाम में किसान बोले- जुल्म के आगे नहीं झुकेंगे
तोशाम। करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में तोशाम में किसानों ने तोशाम सिवानी मार्ग को अनाज मंडी के पास जाम कर दिया। जाम लगने से दोनों तरफ गाड़ियों की लाइन लग गई। किसान नेताओं ने कहा कि करनाल में शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज करना निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज करके भाजपा सरकार ने अंग्रेजों की याद को ताजा कर दिया है। किसान पिछले 9 महीने से शांतिपूर्वक तीनों कृषि कानूनों के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ओछे हथकंडे अपना कर किसानों पर बार-बार लाठीचार्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों पर चाहे कितना ही जुल्म कर ले, लेकिन किसान झुकेगा नहीं और तीनों कृषि कानूनों को रद्द करवा कर ही घर आएगा। संवाद
तालु-धनाना में जाम लगा रास्ता रोका
भिवानी। तालु-धनाना में किसानों ने आर-पार की लड़ाई की चेतावनी देते हुए कहा कि अब यदि सरकार ने किसानों पर अत्याचार बंद कर जल्द मांगों को नहीं माना तो किसान अपना संघर्ष तेज करने को मजबूर होंगे। करनाल में किसानों हुए लाठीचार्ज के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गांव तालु और धनाना के किसानों ने भी रास्ता जाम कर दिया।
किसान नेता जोगेंद्र तालु ने कहा कि करनाल के बसताड़ा टोल पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज कायरतापूर्ण कदम है। इस अवसर पर जसवंत धनाना, संदीप मिताथल, सुखबीर तालू, राज सिंह धनाना राजकुमार जताई, रामपाल धनाना, कृष्ण तालु, विक्की तालु, बिजेंद्र तालु सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
प्रेमनगर में एक घंटा लगाया जाम
लाठी चार्ज के विरोध में भिवानी-हांसी मार्ग पर प्रेमनगर में भी किसानों ने शनिवार शाम को जाम लगा दिया। किसानों ने दोपहर तीन बजकर पांच मिनट पर जाम लगाया था और चार बजे जाम खोल दिया। वहीं मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर गांव में महापंचायत का आयोजन भी किया गया था। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी भी महापंचायत में शामिल हुए थे।
सविता मान ने की निंदा
भिवानी। किसान बीजेपी के कार्यक्रम से लगभग 15 किलोमीटर दूर अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। बावजूद इसके पुलिस ने वहां जाकर उन पर लाठियां बरसाई। यह कार्रवाई सरकार के मंसूबों को जगजाहिर करती है। ऐसा लगता है कि सरकार पहले ही किसानों को लहूलुहान करने का मन बना चुकी थी। इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यह बात हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की महासचिव सविता मान ने किसानों पर हुए लाठी चार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि अन्नदाता का खून बहाना बीजेपी-जेजेपी सरकार की आदत बन चुकी है।
किसानों पर लाठीचार्ज सरकार का अहंकार : किरण चौधरी
भिवानी। कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने शनिवार को करनाल में किसानों पर किए गए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की। किरण चौधरी ने कहा कि किसानों पर किया गया लाठीचार्ज बेहद निंदनीय है। किसानों पर लाठीचार्ज से सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि जब करनाल आगमन पर किसानों ने मुख्यमंत्री का विरोध करने का एलान किया है तो उसके बाद भी मुख्यमंत्री ने किसानों पर लाठीचार्ज करवा कर खुद अपने नेताओं के साथ मीटिंग की। उन्होंने कहा कि पिछले 9 महीने से किसान दिल्ली बॉर्डर पर बैठा है, लेकिन सरकार अपने हठ पर अड़ी हुई है।

कितलाना टोल पर जाम लगाकर नारेबाजी करते किसान। संवाद- फोटो : Bhiwani

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