जूई। गांव भाखड़ा की पंचायत की हठधर्मिता के चलते शंकर ढाणी से लेकर जूई कैनाल के आखिरी छोर बहल तक दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीण गांव की गलियों से निकलने वाले सीवर के दूषित पानी को पिछले दो साल से पीने को मजबूर हैं। इस बारे में ग्रामीणों ने कई बार सरपंच और नहर विभाग के आला अधिकारियों को सूचित किया पर नतीजा शून्य रहा। दूषित पेयजल पीने को मजबूर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। अगर तीन दिन में दूषित पानी को नहर में डालने से नहीं रोका गया तो इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा जिसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
नहर में डाला जा रहा दूषित पानी
भाखड़ा के ग्रामीण संजय मास्टर, हरिओम शर्मा, मुकेश शर्मा, सोमबीर शर्मा, अजय शर्मा, रामनिवास सैन, अमित शर्मा ने बताया कि गांव के पास से सैकड़ों गांवों में जलापूर्ति के लिए बनाई गई जूई नहर गुजरती है। गांव का सारा दूषित पानी नहर में डल रहा है। इस बारे में सरपंच को कई बार अवगत करवाया जा चुका है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। पिछले दो साल से ये दूषित जल खुद तो पीने को मजबूर हैं ही, सैकड़ों गांवों के हजारों लोगों को भी ये पानी पीना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दो दिन में ये दूषित जल नहर में डालना बंद नहीं हुआ तो इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा जिसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
पाइप लेकर ठीक करवा देंगे : धर्मबीर
नहर में दूषित पानी डाले जाने के बारे में सरपंच काफी शर्मा से बात करने की कोशिश की तो सरपंच प्रतिनिधि धर्मबीर शर्मा ने फोन उठाया और उन्होंने सोमवार को पाइप खरीद कर लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि दो-चार दिन में ठीक करवा देंगे। अभी तक मामला संज्ञान में नहीं था।
ऐसा है तो करेंगे कार्रवाई : बजरंग
जूई नहर के एसडीओ बजरंग से जब इस बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं था। अगर गांव का दूषित पानी पेयजल की जलापूर्ति करने वाली नहर में डाला जा रहा तो इससे घृणित कार्य नहीं हो सकता। इसके खिलाफ जल्द कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दूषित पानी नहर में नहीं डलेगा।