भिवानी। जिले भर की 1500 आंगनबाड़ी वर्कर्स ने बुधवार को जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारी दी। मौके पर ही मौजूद डीएसपी ने गिरफ्तारी दर्ज की। एसडीएम भिवानी ने कोरोना व व्यवस्था न होने का हवाला देकर सभी को रिहा कर दिया।
जेल भरो आंदोलन की अध्यक्षता ईश्वर देवी व संचालन सुदेश प्रेमनगर ने किया। आंगनबाड़ी कर्मियों ने पीटीआई पर दर्ज मुकदमों की निंदा की व स्वास्थ्य कर्मियों पर एस्मा लगाने की भी कडे़ शब्दों में निंदा करते हुए तुरंत मुकदमे व एस्मा को वापस लेने की मांग की।
जेल भरो आंदोलन के मौके पर मौजूद आंगनबाड़ी कर्मियों को संबोधित करते हुए यूनियन व किसान-मजदूर नेताओं ने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याओं का समाधान किए बैगर धमकाकर आंदोलन को खत्म करवाना चाहती है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दास्त नही किया जाएगा। मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने अक्तूबर 2018 में वर्कर्स का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी, जिसे पिछले तीन साल से सरकार लागू नहीं कर रही है। यूनियन नेताओं ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार आईसीडीएस और शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने पर तुली हुई है। प्ले वे स्कूलों के द्वारा आईसीडीएस को प्राइवेट हाथों व एनजीओ को सौंपने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिसे आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स बर्दास्त नहीं करेंगी। राज्य के मुख्यमंत्री ने वर्कर्स व हेल्पर्स को महंगाई भत्ता केवल एक बार दिया गया, जबकि उसके बाद 5 किस्त बकाया हैं। वर्कर्स से सुपरवाइजर की पदोन्नति नहीं की जा रही। प्ले वे स्कूलों के नाम पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बिना कोई वेतन दिए सभी काम करवाने की सरकार की योजना है।
जेल भरो आंदोलन को किसान सभा नेता मा. शेर सिंह, कामरेेड ओमप्रकाश, रामफल देशवाल रोडवेज कर्मचारी नेता नरेंद्र, पवन, सर्व कर्मचारी संघ से सूरजभान, जगरोशन धर्मबीर भाटी, सूरजमल, जनवादी महिला समिति नेता शीला, सरोज, अनुराधा, सीटू नेता रतन जिंदल, कुलदीप, भीम सिंह, फूलचंद, रिटायर्ड कर्मचारी संघ से नरेश शर्मा, एसके सिंगला, सुभाष कौशिक, उमराव सिंह, आजाद अली, महाबीर शर्मा, यूनियन नेत्री राजबाला शर्मा, ईश्वर देवी, बबीता, शीला लोहानी, रिटा, रितु, रेशमा, सुनीता चांग, सुनीता चहल, किरण, रमन, प्रिया, उर्मिला, निर्मला लीलस, कमला नलोई, राजबाला खानक, रोशनी, मुकेश, शकुंतला कैरू, ओमवति देवसर, सत्यबाला, बबली मिताथल, सुषमा, प्रेम तिगड़ाना, सुदेश प्रेमनगर, अनीता, कमलेश बडेसरा, मुन्नी मुंढाल, रोशनी, सरोज नाथूवास, सुमन सैय, सुनीता रिवाड़ी खेड़ा, प्रमिला, सुमित्रा बामला, प्रेम बवानीखेड़ा आदि ने संबोधित किया।