भिवानी। भाजपा-जजपा गठबंधन को लेकर भाजपा में अंतर्विरोध और भाजपा-जजपा के बीच आपसी खींचतान के अलावा अलावा भिवानी-महेंद्रगढ़ से लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की जिद्द भी गठबंधन टूटने का कारण बना। पार्टी के संरक्षक अजय चौटाला का पुराना गढ़ बताकर जननायक जनता पार्टी जहां इस सीट को हासिल करने की जिद्द पर अड़ी हुई थी। वहीं जिताऊ मानकर भाजपा इस सीट को जजपा को देना नहीं चाहती थी। भाजपा मानती थी कि जजपा के बगैर भी इस सीट को पार्टी जीत सकती है। दोनों की परस्पर यही सोच और सीट हासिल करने की जिद्द अलगाव का कारण बना और लोकसभा चुनाव के ऐन वक्त पर प्रदेश में गठबंधन टूट गया। अब इस सीट पर बहुकोणीय और जोरदार मुकाबला होने की उम्मीद बलवती हो गई है।
प्रदेश के तीनों लालों के युवराज भिवानी सीट से न सिर्फ दांव आजमा चुके हैं, वरन संसद तक का सफर भी तय कर चुके हैं। अजय सिंह चौटाला, कुलदीप बिनोई, सुरेंद्र सिंह सांसद रह चुके हैं। भिवानी के ताजा राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर डाले तो फिलहाल भाजपा-जजपा गठबंधन टूटने में भी भिवानी की हॉट सीट पर टिकट मानी जा रही है क्योंकि जजपा नेता डॉ. अजय सिंह चौटाला भिवानी से खुद व अपने बेटे दिग्विजय सिंह चौटाला को यहां से चुनाव लड़ने का कई बार बयान दे चुके हैं। वे यहां से काफी सक्रिय भी थे। वहीं भाजपा इस सीट को अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहती थी।
लोकसभा चुनाव में भिवानी सीट से 1977 में जनता पार्टी की लहर में चंद्रावती सांसद चुनी जा चुकी हैं। उन्होंने चौ. बंसीलाल को एक लाख 61 हजार से अधिक मतों से हराया था। इसके बाद 1980, 1984 और 1989 के चुनावों में चौ. बंसीलाल सांसद रह चुके हैं। 1987 में चौ. रामनारायण सिंह लोकदल से सांसद चुने जा चुके हैं। 1991 में बंसीलाल की पार्टी हरियाणा विकास पार्टी से जंगबीर सिंह सांसद बने। 1996 और 1998 के चुनावों में हरियाणा विकास पार्टी से बंसीलाल के बेटे चौ सुरेंद्र सिंह लोकदल के अजय सिंह चौटाला को हराकर सांसद बने।
1999 में इनेलो से डॉ. अजय सिंह चौटाला कांग्रेस के धर्मबीर सिंह को भारी मतों के अंदर से हराकर सांसद बने थे। 2004 में कांग्रेस टिकट पर कुलदीप बिश्नोई ने हविपा के चौ सुरेंद्र सिंह को हराकर जीत दर्ज की और सांसद बने। 2009 के लोकसभा चुनावों में फिर से ये सीट बंसीलाल परिवार के पास आई। बंसीलाल की पौती श्रुति चौधरी ने 2009 में इनेलो के अजय सिंह चौटाला को हराकर सांसद बनी। इसके बाद 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में मोदी लहर के चलते लगातार दूसरी बार से चौधरी धर्मबीर सिंह सांसद हैं। मौजूदा राजनीतिक हालातों में चौ. धर्मबीर सिंह भी भिवानी की हॉट सीट पर प्रबल दावेदारों में तीसरी बार ताल ठोक रहे हैं। वहीं जजपा के अजय सिंह चौटाला की ओर से भी उनके बेटे दिग्विजय सिंह चौटाला को यहां से चुनाव लड़ाने की तैयारी की बातें सामने आ रही हैं। भाजपा-जजपा गठबंधन टूटने का कारण भी भिवानी की हॉट सीट बनी है। जबकि कांग्रेस की टिकट पर बंसीलाल की पौती पूर्व सांसद श्रुति चौधरी भी चुनावी बिगुल फूंकने से पहले ही यहां की प्रबल दावेदारी में खुद का नाम पेश कर चुकी हैं।
जयप्रकाश दलाल को कैबिनेट मंत्री बनाकर जाट वोटों पर साधा निशाना
नायब सिंह सैनी के हाथ में प्रदेश की बागडोर सौंपने के साथ भिवानी जिले की लोहारू विधानसभा से जयप्रकाश दलाल को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने को राजनीति के जानकार जाट वोट साधने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। हालांकि पहले मंत्रिमंडल में लोहारू से भाजपा विधायक जयप्रकाश दलाल कृषि मंत्री रहे हैं। लेकिन नए कैबिनेट में फिर से उन्हें कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई गई है। लोहारू क्षेत्र में जयप्रकाश दलाल ने कृषि मंत्री रहते हुए कई बड़ी कृषि एवं सिंचाई परियोजनाओं पर यहां काम कराया है। इन्हीं कार्यों की बदौलत फिर से जयप्रकाश दलाल भाजपा के लिए यहां राजनीतिक जमीन भी तैयार करने में जुटे हैं।