सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य।
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भिवानी। 12 से 14 वर्ष के बच्चों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए टीका लगाना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। दरअसल अभिभावकों और स्कूल संचालकों की बेरुखी ने अभियान में धीमा चल रहा है। यहीं कारण है कि 15 फीसदी बच्चों को भी टीका नहीं लग पाया है, जबकि विभाग 50 हजार बच्चों को टीकाकरण का लक्ष्य लिया हुआ है। अब तक 7408 बच्चों को ही वैक्सीन लगी है।
स्वास्थ्य विभाग का टीकाकरण अभियान लोगों की कम रुचि और स्कूल संचालकों के प्रवेश प्रक्रिया में व्यस्त होने के कारण बेरुखी की भेंट चढ़ता जा रहा है। औसतन प्रतिदिन बमुश्किल एक-दो बच्चों को ही वैक्सीन लगाई जा रही है। अभिभावकों को चिंता है कि वैक्सीन लगने के बाद बच्चे बीमार होंगे और गर्मी के इस मौसम में तबीयत ज्यादा न बिगड़ जाए। वहीं स्कूल संचालक प्रवेश प्रक्रिया में व्यस्त हैं और स्वास्थ्य विभाग को विशेष शिविर के लिए समय ही नहीं दे रहे।
जिले में वैक्सीनेशन की स्थिति
जिले में अब तक 852522 लाभार्थियों ने वैक्सीन की पहली और 774381 ने दूसरी डोज लगवाई है। इनमें से 5658 स्वास्थ्य कर्मियों ने पहली और 5604 ने दूसरी डोज लगवाई है। इसी तरह 4984 फ्रंटलाइन वर्कर ने पहली और 4950 लाभार्थियों ने दूसरी डोज लगवाई है। वहीं 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों ने 7408 पहली डोज, 15 से 17 आयु वर्ग किशोरों में 45820 ने पहली और 29639 ने दूसरी डोज, 18 से 44 आयु वर्ग के लाभार्थियों में 536117 ने पहली और 469782 ने दूसरी डोज, 45 से 60 आयुवर्ग के लाभार्थियों में 172266 ने पहली और 163591 ने दूसरी डोज, 60 साल से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों में 133531 ने पहली और 130420 ने दूसरी डोज लगवाई हैं।
वैक्सीन अत्यावश्यक
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन करना अत्यावश्यक है। ऐसे में अपने नजदीक टीकाकरण केंद्र में जाकर वैक्सीन जरूर लगवाएं और बच्चों को भी इसके प्रति जागरूक करें। स्कूल संचालक व मुखिया अपने स्कूल में टीकाकरण शिविर लगवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।