गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का देशवासियों को संबोधन।
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राष्ट्रपति ने बुधवार को 73वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। 22 मिनट के संबोधन के दौरान उन्होंने करीब एक मिनट तक भिवानी के स्वप्रेरित आदर्श गांव सुई का भी जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति की इच्छाशक्ति ने गांव का स्वरूप ही बदल दिया।
बता दें कि गांव सुई स्वप्रेरित आदर्श गांव है। गांव निवासी सेठ श्रीकृष्ण जिंदल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेकर गांव में विकास कार्य करने की ठानी थी। उन्होंने करीब 25 करोड़ से गांव में विकास कार्य करवाकर गांव की सूरत बदल दी।
उन्होंने अपने गांव में स्कूल के नए भवन का निर्माण, आधुनिक सुविधाओं से लैस साइंस लैब व पुस्तकालय, 6 एकड़ में झील का निर्माण, गांव में 7 उद्यान का निर्माण, गोशाला का निर्माण, पूरे गांव में इंटरलॉक की गलियां, जरूरतमंद परिवारों के लिए शौचालय निर्माण, गांव में 6 बड़े हाल सहित एक सभागार निर्माण, पूरे गांव को जगमग करती ढाई सौ सौर ऊर्जा की लाइटें लगवाकर विकास कार्यों की मिसाल पेश कर दी। यह जानकारी मिलने पर देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद काफी प्रभावित हुए और 17 नवंबर, 2020 को वे गांव सुई में उन सभी विकास कार्यों का शुभारंभ करने के लिए सुई पहुंचे थे।
राष्ट्रपति ने की थी जिंदल परिवार की सराहना
सेठ श्रीकृष्ण जिंदल द्वारा गांव में करवाए गए विकास कार्यों का अवलोकन करने व विकास कार्यों जनता को लोकार्पित करने के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जिंदल परिवार की काफी सराहना की थी। राष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी सविता कोविंद व उनकी बेटी स्वाति कोविंद भी आई थी। इसके साथ ही राष्ट्रपति ने देश के अन्य संपन्न लोगों से अपील की थी कि वे श्रीकृष्ण जिंदल से प्रेरणा लेकर अपने क्षेत्र के विकास में भागीदार बनें।